अपर पुलिस महानिदेशक (पीटीएस) आलोक शर्मा ने शनिवार को मेरठ के नए 171 दरोगाओं को सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही से नहीं बल्कि अपने व्यवहार और कार्य कुशलता से दूसरों का दिल जीता जा सकता है। गरीब और असहाय लोगों की मदद करोगे तो तरक्की जरूरी मिलेगी।
हापुड़ रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में आयोजित पासिंग आउट परेड में एडीजी ने इन नए दरोगाओं से कहा कि तानाशाही तो गुलामी के दौर में चलती थी, लेकिन अब हम आजाद हैं। लोकतंत्र में अपना कर्तव्य न भूलें।
अपने अधिकारों का कानून के दायरे में रहकर ही प्रयोग करें। दुरुपयोग न करें। आह्वान किया कि अगर जनमानस से जुड़कर नि:स्वार्थ भावना और इमानदारी से काम करोगे तो न केवल आत्म संतुष्टि मिलेगी, बल्कि यही अच्छाइयां आपको ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
डीआईजी पीटीएस महेश मिश्रा ने भी दरोगाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि दरोगा का पद बड़ा जिम्मेदारी वाला पद है। इसलिए इसकी गरिमा को बनाए रखना बड़ी उपलब्धि होगी। इससे पूर्व पीटीएस के मैदान में पासिंग आउट परेड की एडीजी ने सलामी ली। जिसके बाद दरोगाओं को मेडल प्रदान किए गए। इस दौरान सीओ पीटीएस रमनपाल सिंह सहित पीटीएस का स्टाफ मौजूद रहा।
‘आज से दरोगा का परिवार’
अपने संबोधन में जब एडीजी ने कहा कि अब यह सिपाही का परिवार नहीं, आज से दरोगा का परिवार कहलाया जाएगा तो इसे सुनकर दरोगा व उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
सेल्फी, स्टार लगाने की होड़
पासिंग परेड समाप्त होने के बाद दरोगाओं ने अपने-अपने परिवार के साथ खुशी इजहार की। कोई परिजनों के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त दिखा तो किसी की पत्नी तो किसी के बेटे में अपने पिता के कंधों पर स्टार लगाने की होड़ रही। समापन अवसर पर एडीजी, डीआईजी और सीओ के साथ ग्रुप फोटोग्राफी भी की गई।