ब्लॉक प्रमुख चुनाव में नामांकन के साथ ही सपा ने चौका मार दिया। जनपद के 12 में से चार ब्लॉकों में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए और सभी समाजवादी पार्टी समर्थित हैं। जनपद में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए हैं। अब आठ ब्लॉकों में 7 फरवरी को आमने-सामने के मुकाबले में मतदान होगा।
शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख के लिए नामांकन हुए। इनमें मेरठ ब्लॉक से नितिन कसाना, रोहटा से बोबी झिंझोखर, माछरा से कौशल्या और रजपुरा से योगेंद्र कुनकुरा ने ही नामांकन पत्र जमा किए। जांच में इनके नामांकन पत्र सही पाये जाने के बाद इनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया।
ये सभी चारों दावेदार सपा समर्थित हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन दिनेश चंद ने बताया कि चारों निर्विरोध निर्वाचित हुए ब्लॉक प्रमुखों का परिणाम शनिवार को जिलाधिकारी पंकज यादव घोषित करेंगे। जबकि शेष अन्य आठ ब्लॉकों में आमने-सामने की स्थिति बन रही है।
इनमें परीक्षितगढ़ ब्लॉक में सपा के धर्मेंद्र नागर और बसपा, भाजपा समर्थित कंवरपाल उर्फ केपी सिंह, हस्तिनापुर में रामरती, निर्मला, कुसुम सिद्धार्थ तथा आरुषि ने नामांकन दाखिल किये। इनमें आरुषि का पर्चा शनिवार को वापस होना तय है, क्याेंकि वह कुसुम सिद्धार्थ की बेटी हैं।
मवाना में पूर्व ब्लॉक प्रमुख धीरज पहाड़पुरिया की पत्नी अनिता और सपा समर्थित प्रेम सिंह ने पर्चे दाखिल किए। सरधना में भाजपा समर्थित कुलदीप प्रजापति ने किया। कुलदीप का नामांकन पर्चा जमा कराने के लिये विधायक संगीत सोम उनके साथ पहुंचे। वहीं दूसरा पर्चा झिटकरी निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने दाखिल कया।
खरखौदा में सपा नेता ओमपाल गुर्जर की पत्नी मंजू गुर्जर और निर्दलीय प्रत्याशी अजाना पत्नी शमसुद्दीन ने पर्चे दाखिल किए। जबकि दौराला में भाजपा के अजय भराला और सपा के सचिन अहलावत ने पर्चे दाखिल किए। तो अजय भराला ने अपनी पत्नी मनिता भारद्वाज का भी पर्चा दाखिल कराया है।
सरूरपुर ब्लॉक में सबसे ज्यादा चार नामांकन दाखिल हुए। इनमें सपा समर्थित चौधरी हरेंद्र सिंह, कुख्यात ऊधम सिंह के खास गुड्डू भलसोना, नरेश पहलावान और ओमबीरी पिठोलकर ने पर्चे दाखिल किए। वहीं जानी ब्लाक में ऋषि राणा, अनिल कुमार, अंकिता और रामपाल के साथ ही सपा समर्थित अनिल कुमार मुजक्कीपुर ने नामांकन दाखिल किए। इसमें जांच के बाद रामपाल का पर्चा निरस्त कर दिया गया।
ब्लॉक प्रमुखी पर सपा की बादशाहत
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सपा भी बसपा की तर्ज पर चल रही है। सरधना ब्लॉक को छोड़ दें तो बाकी 11 ब्लॉकों में सपा ने अपने समर्थित प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें चार प्रत्याशी नामांकन के साथ ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
अब बाकी बचे आठ ब्लॉकों की स्थिति पर अगर गौर करें तो यहां भी आधे से ज्यादा ब्लॉकों में सपा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
पंचायत चुनाव 2010 में बसपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ ही आठ ब्लॉकों में अपने प्रमुख निर्वाचित कराए थे। अहम बात ये थी कि सभी ब्लॉकों में बसपा प्रत्याशियों का चुनाव हुआ था। लेकिन इस बार सपा ने इससे एक कदम आगे जाकर नामांकन और नामांकन पत्रों की जांच का कार्य पूरा होने के साथ पहले ही दिन एक तिहाई सीटों पर कब्जा कर लिया।
यहां होगा सपा का मुकाबला
सरधना ब्लॉक में सपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। जबकि बाकी ब्लॉकों में उसके समर्थित प्रत्याशी मैदान में है। इनमें जानी ब्लॉक में अनिल मुजक्कीपुर का मुकाबला ऋषि राणा से नजर आ रहा है। हस्तिनापुर में राज्य अनुसूचित आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सिद्धार्थ की पत्नी कुसुम सिद्धार्थ मैदान में है।
यहां उनके सामने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा समर्थित निर्मला टक्कर दे रही हैं। जबकि परीक्षितगढ़ में सपा के धर्मेंद्र नागर के सामने बसपा और भाजपा समर्थित केपी सिंह मैदान में है। परीक्षितगढ़ में कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहां पर चुनाव सबसे रोचक है।
इनके अलावा दौराला में सपा समर्थित सचिन अहलावत को अतुल प्रधान चुनाव लड़ा रहे हैं तो भाजपा नेता पं. सुनील भराला के भाई अजय भराला उनके सामने हैं। जबकि मवाना में पूर्व ब्लॉक प्रमुख धीरज पहाड़पुरिया की पत्नी अनिता का मुकाबला सपा के प्रेम सिंह से होगा।
खरखौदा में सपा नेता ओमपाल गुर्जर की पत्नी मंजू गुर्जर को निर्दलीय अजाना जबरदस्त टक्कर देती नजर आ रही हैं। तो सरूरपुर में सपा के हरेंद्र चौधरी और गुड्डू भलसोना सहित दो अन्य प्रत्याशी टक्कर दे रहे हैं। इन सभी ब्लॉकों में दौराला, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ और खरखौदा ऐसे ब्लॉक हैं जहां सपा के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।