शहर के कुछ होटलों और रेस्टोरेंट में ग्राहकों को सर्विस चार्ज के नाम पर लूटा जा रहा है। यहां गैर कानूनी तरीके से अतिरिक्त टैक्स वसूला जा रहा है। यह वो टैक्स है जो न तो केंद्र सरकार की तरफ से लागू किया गया है और न ही राज्य सरकार की तरफ से, यह होटल और रेस्टोरेंट संचालकों द्वारा इजाद किया गया लूट का नया हथकंडा है। वाणिज्य कर विभाग की तरफ से की गई जांच में इसका खुलासा हुआ है।
शहर के करीब दर्जन भर होटल और रेस्टोरेंट ऐसे पकड़ में आए हैं जो सर्विस टैक्स के साथ ही बिल में ग्राहक से सर्विस चार्ज ले रहे हैं। कोई चार प्रतिशत के हिसाब से ले रहे हैं तो कई कुल बिल पर आठ प्रतिशत तक ले रहे हैं। इसके साथ ही शादी व पार्टी को लेकर होने वाली बिलिंग में भी गड़बड़ी पकड़ी गई है।
गढ़ रोड स्थित होटल हारमीन इन में वाणिज्य कर विभाग ने आठ प्रतिशत का सर्विस चार्ज लगाकर वसूले जाने का मामला पकड़ा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि सर्विस चार्ज के नाम पर वसूली जा रही रकम को अपने टर्नओवर में भी नहीं दिखाया जा रहा है। इससे साफ है कि यह पूरी तरह से अवैध वसूली है।
कुल बिल पर 14 प्रतिशत का सर्विस टैक्स
जांच के दौरान कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें कुल बिल पर 14 प्रतिशत का सर्विस चार्ज लिया गया है। जबकि नियम के हिसाब से बिल के 40 प्रतिशत पर ही 14 प्रतिशत का सर्विस टैक्स लिया जा सकता है, लेकिन जनता की जेब काटने के लिए ऐसा किया गया।
कितना लिया जा सकता है टैक्स
- सर्विस टैक्स खाने के कुल बिल के 40 प्रतिशत हिस्से पर 14 प्रतिशत या फिर कुल बिल पर 5.6 प्रतिशत
- वाणिज्य कर कुल बिल पर 14.5 प्रतिशत
- इसके अलावा कोई भी टैक्स माननीय नहीं।
बिलों में भी हो रही हेराफेरी
बाईपास स्थित एक रेस्टोरेंट से जब्त किए गए कागजात में खुलासा हुआ है कि एक शादी के कार्यक्रम में जितने रुपये का खाना खाया गया, उसमें से बिलिंग सिर्फ 25 प्रतिशत की हुई, बिल बुक के एक कागज में स्पष्ट लिखा मिला है कि बिलिंग सिर्फ 25 प्रतिशत। इसके साथ ही बाकी होटल व रेस्टोरेंट भी बिलिंग को लेकर शक के दायरे में हैं, जिनकी जांच की जा रही है।