मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही एकांत यादव प्रकरण ने यू टर्न ले लिया है। परिजनों ने इसे मुठभेड़ नहीं हत्या बताया है। मंगलवार को सिपाही के परिजन एसएसपी ऑफिस पर बिलख पड़े।
परिजनों ने एसएसपी से मिलने की मिन्नतें कीं, लेकिन कप्तान ने परिजनों को टरकाते हुए एसपी सिटी के पास भेज दिया। परिजनों ने पूरे प्रकरण में आईजी से शिकायत करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के नंगला काला गांव निवासी बीएसएफ में तैनात एसआई सत्यपाल सिंह का इकलौता बेटा एकांत यादव लिसाड़ी गेट थाने में तैनात था। 2 दिसंबर 2014 की रात बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान एकांत शहीद हो गया था।
जिसमें एक बदमाश नूरा भी मारा गया था। मंगलवार को सत्यपाल और एकांत की मां शीला परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचे। जहां सत्यपाल के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके गांव के एक व्यक्ति ने घटना से चार दिन पहले उन्हें धमकी दी थी।
एकांत के साथ ड्यूटी करने वाले सिपाहियों के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे। पुलिस ने जानबूझकर बदमाशों से मुठभेड़ होने का षड्यंत्र रचा है।
सत्यपाल ने कहा कि रात के समय जब उनका बेटा मारा गया तो उसे सिविल ड्रेस में दिखाया गया। घटना के अगले दिन पुलिसकर्मियों ने उनके घर पर कोरे कागज पर यह कहकर साइन करा लिए कि उन्हें विभाग में जमा करने हैं। सिपाही की मौत के बाद उसकी पत्नी अंशु भी मायके चली गई।
परिजनों ने एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उन्हें एसपी सिटी के पास भेज दिया। जहां एसपी सिटी ओपी सिंह ने कहा कि एक साल बाद इस मामले में कुछ नहीं हो सकता। परिजनों ने आईजी से शिकायत करते हुए न्याय की मांग की है। आईजी जोन आलोक शर्मा ने परिजनों की बात सुनकर जांच का आश्वासन दिया है।
बिना जांच मत दो नौकरी
शहीद के पिता का कहना है कि जब तक इस केस की सीबीसीआईडी जांच पूरी ना हो जाए। तब तक दोनों पक्षों को किसी भी प्रकार की नौकरी, सरकारी सुविधा व पेंशन न दी जाए। एक ांत उनका इकलौता बेटा था। शादी के छह माह बाद ही उसकी मौत हो गई, जिसकी पत्नी अपने मायके चली गई।
जहां संपत्ति विवाद का शुरू हो गया। बेटी की शादी हो चुकी है और अब उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है। इस मामले में वह डीआईजी, आईजी, गृहमंत्रालय, मुख्यमंत्री से भी न्याय की मांग कर चुके हैं।
गांव की रंजिश, पुलिस की मिलीभगत
सत्यपाल के अनुसार वह बीएसएफ में 35 साल की नौकरी कर चुके हैं। विजिलेंस में भी रहे। कई बिंदु ऐसे हैं जो एकांत की हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं। उन्होंने एक चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने सीबीआई जांच की मांग पर कहा कि पहले अधिकारियों ने कहा था कि जांच चल रही है। राजस्थान में तैनात होने के कारण उन्हें यहां आने का समय नहीं मिलता।
कोट
यह मामला मेरे से पहले का है। एसपी सिटी को पूरे मामले की जानकारी थी। इसलिए सिपाही के परिजनों को उनके पास भेजा था। परिजनों की शिकायत पर ध्यान दिया जाएगा।
-डीसी दूबे, एसएसपी