पल्हैड़ा चौराहे पर अवैध कब्जा हटवाने पहुंची एमडीए की टीम को विरोध कर सामना करना पड़ा। इस दौरान महिलाओं ने टीम को दौड़ा दिया। इसके बाद टीम ने पुलिस को बुलाया और अवैध कब्जे को ध्वस्त किया।
खसरा संख्या 328 पल्हैड़ा चौपले पर 53 भू स्वामी थे। एमडीए और उनका विवाद हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट से भू स्वामियों को कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद 42 भू स्वामियों और एमडीए का समझौता हो गया था। एमडीए द्वारा कुछ भू स्वामियों को दुकानें और कुछ को प्लॉट आवंटित किए थे।
जबकि एमडीए द्वारा चौराहे पर बनाए जा रहे कांपलेक्स में 30 दुकानें भू स्वामियों को आवंटित की गई। हालांकि इस मामले में 9 भू स्वामियों का कोई समझौता नहीं हुआ था और वे कोर्ट की शरण में चले गए थे। कोर्ट में इन भू स्वामियों की रिट खारिज हो गई थी।
शनिवार को डीएम पंकज यादव के निर्देश पर नोडल अधिकारी नवनीत अग्रवाल के नेतृत्व में एमडीए टीम बुलडोजर लेकर कब्जा हटवाने पल्हैड़ा चौराहे पर पहुंची। वहां रह रहे शिवदत्त शर्मा, असलम, संजय और कमाल समेत अन्य ने टीम का विरोध शुरू कर दिया। दोनों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
इस बीच महिलाओं ने टीम के कर्मचारियों को दौड़ा लिया। महिलाओं ने पथराव करने की ठानी, लेकिन एमडीए टीम वहां से भाग निकली। इसके बाद नोडल अधिकारी ने इसकी सूचना पल्लवपुरम एसओ सतेंद्र यादव को दी तो वे फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जा हटवाया।
हालांकि इसका विरोध कर रहे कमालुद्दीन और शानू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन एमडीए टीम का कार्य पूरा होने के बाद दोनों को हिदायत देकर छोड़ दिया।
एमडीए पर लगाया जबरन कब्जा करने का आरोप
लोगों का कहना था कि जिस जमीन पर उनका कब्जा है, उन्होंने वह खरीदी है। एमडीए बेवजह इस जमीन पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने समझौता करने वाले लोगों पर भी एमडीए अधिकारियों से मिली भगत करने का आरोप लगाया है।
महिलाओं का रो रो कर बुराहाल
एमडीए की कार्रवाई के दौरान महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल था। नजमा, धर्मबती का कहना था कि एमडीए जबरन दबाव बनाकर जमीन ले रहा है। गरीबों को बेघर कर रहा है। उधर, महराज मलिक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर जो प्रमुख सचिव ने पूर्व में आदेश दिए है, उसका भी एमडीए ने अवहेलना की है।