न्यू टीपीनगर की शिफ्टिंग में एमडीए नए फार्मूले पर काम करने पर मंथन कर रहा है। एमडीए अधिकारियों का मानना है कि एमडीए एलए के जरिए भू अधिग्रहण में पेंच हैं।
इससे जमीन पर कब्जा ही नहीं मिला। ऐसे में यदि किसानों से सीधी बात कर समझौता करें और सीधा पैसा देकर उनसे रजिस्ट्री कराई जाए तो आसान होगा। यह फार्मूला कितना सार्थक होगा इसका पता सोमवार को होने जा रही अहम बैठक में चलेगा।
वर्तमान टीपीनगर को पांचली खुर्द में न्यू टीपीनगर के रूप में शिफ्ट करने का प्रस्ताव एमडीए और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते अटका पड़ा है, जबकि मेरठ महायोजना का यह अहम प्रस्ताव है।
जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों को दी जाने वाली रकम और बदले में किसानों को जमीन बेचने की दरों पर मामला फंसा है। इस प्रस्ताव के लिए धारा चार और छह हो चुकी है।
पांचली में बैनामों पर फिलहाल रोक लगी है। इस प्रस्ताव के लिए कुल 29 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। बदले में किसानों को लगभग 250 करोड़ रुपये मुआवजा बंटना है।
सीधी रजिस्ट्री फार्मूले पर एमडीए
इस प्रस्ताव पर एमडीए गंभीरता से विचार कर रहा है। दरअसल एमडीए पिछली गलतियों से सबक ले रहा है। एमडीए सचिव कुमार विनीत का कहना है कि पिछली बार जिस तरह से विभिन्न योजनाओं में जमीन का अधिग्रहण किया गया और एमडीए ने मुआवजा बांटा, उसका लाभ नहीं मिला।
किसानों ने जमीनों पर कब्जे नहीं दिए। ऐसे में अब एमडीए इस पर मंथन कर रहा है। विचार यह भी बन रहा है कि वहां किसानों से सीधी वार्ता हो और रेट आदि पर बात कर सीधी ही रजिस्ट्री की जाए।
नहीं लगेगा करोड़ों का फटका
भले ही समय पर एमडीए ने मुआवजा आवंटन का काम शुरू न किया हो पर उसे इस मामले में तगड़ा फटका नहीं लगेगा। सचिव के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा दस लाख रुपये प्रशासनिक व्यय का जब्त हो सकता है।
25 करोड़ तो तब जब्त होते जब एमडीए धन जमा कर देता। अभी तो एमडीए के पास ही धन नहीं है। एमडीए यह विचार कर रहा है कि पहले पूरा ऋण लेकर एक साथ पूरे प्रोजेक्ट पर काम करे या पहले 10 प्रतिशत रकम से ही काम चलाए।
27 को बैठक
इस प्रकरण में व्यापारी कमल ठाकुर, पवन मित्तल, अजय मित्तल, गौरव शर्मा आदि ने मंडलायुक्त आलोक सिन्हा से मुलाकात की और कहा कि इस प्रकरण पर गंभीरता से विचार करें।
कमिश्नर ने 27 जनवरी को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई है ताकि इस प्रस्ताव पर काम हो सके।
व्यापरी बोले हर सूरत में बने न्यू टीपीनगर
आज वर्तमान ट्रांसपोर्ट में आबादी इतनी हो गई है कि वहां अब टीपीनगर का कोई औचित्य नहीं। ऐसे में इसे अब पांचली ट्रांसफर किया जाना चाहिए। इस बाबत एमडीए का पूरा सहयोग करने को तैयार हैं पर एमडीए अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी। -गौरव शर्मा, अध्यक्ष मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
जब टीपीनगर लेकर इस कदर सुस्ती दिखानी थी तो धारा चार और छह ही नहीं करनी थी। अब वहां बैनामे नही हो रहे हैं। इस बाबत हम कमिश्नर से भी मिले हैं। न्यू टीपीनगर को शिफ्ट किया जाना चाहिए।
-पवन मित्तल संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष
बिल्डरों ने न्यू टीपीनगर के पास ही एक लाख 46 हजार वर्ग गज जगह खरीद रखी है। हम उसे उसी भाव पर देने को तैयार हैं जिस पर किसान। लेकिन न्यू टीपीनगर बनाया जाए। यह तो विकास के लिए बेहद जरूरी है। सीधा समझौता भी अच्छा विकल्प है। -कमल ठाकुर महामंत्री रियल एस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन
इसे तो एमडीए अधिकारियों को प्राथमिकता पर रखना था। यह ऐसा काम है जिसमें विकास के साथ एमडीए को तत्काल सीधी आय होगी। इस प्रस्ताव के लिए आंदोलन शुरू करना होगा। व्यापारी इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
-अजय मित्तल, अध्यक्ष बागपत रोड व्यापार संघ
वर्जन
यह एमडीए का बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है और इस पर काम होगा। पुराने कई ऐसे कामों में जो गलतियां हुई वे इसमें न हो इस पर मंथन हो रहा है। समझौता फार्मूला पर भी किसानों से सीधी जमीन लेने पर विचार कर रहे हैं।
-कुमार विनीत, सचिव एमडीए