गंगा में डॉल्फिन के कुलांचे बढ़ने से वन विभाग के अधिकारी गदगद हैं। डॉल्फिन प्रोजेक्ट सफल साबित हो रहा है। बुलंदशहर के नरोरा में डॉल्फिन की संख्या और उनकी बढ़ती अठखेलियों का हवाला देकर अधिकारी बता रहे हैं कि गंगा में प्रदूषण कम हुआ है।
दूसरी मछलियां के लिए भी यह अच्छी बात है। दूसरी ओर नोएडा के सूरजपुर में ईको पार्क को विकसित कर वन विभाग रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है।
प्रमुख वन संरक्षक उमेंद्र का कहना है डॉल्फिन प्रोजेक्ट को लेकर विभाग बड़ी प्लानिंग कर रहा है। डॉल्फिन की मौजूदगी यह बताती है कि गंगा में प्रदूषण कम हुआ है। रिवर लाइफ इंप्रूव हो रही है। यह मछली साफ पानी में सर्वाइव करती है। पानी का बहाव और गहराई भी निर्भर करती है।
नरोरा रामसर साइट बन चुकी है। इसे बढ़ाने और दूसरी मछलियां पर भी ध्यान देने की योजना है। गंगा प्रदूषण के लिए बदनाम है। नरोरा की यह स्थिति अच्छी है। नोएडा के सूरजपुर में सरकार दुनिया का बेहतरीन ईको पार्क बनाना चाहती है। इस पर काम चल रहा है।
ओखला पक्षी विहार और हस्तिनापुर सेंक्चुरी में माइग्रेंट बर्ड की आवाजाही रहती है। सरकार ने बर्ड फेस्टिवल बनाकर वन्य जीवों की प्रति गंभीरता जिम्मेदारी का परिचय दिया है। वन्य जीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए काफी काम किया जाना है।