साहबाें के लिए चौड़ी हो रही सड़क के लिए शनिवार को कलक्ट्रेट के सामने विशाल पेड़ों पर आरा चला। बड़े बड़े पेड़ पलक झपकते ही धराशायी हो गए। आलम यह रहा कि इस रोड को बंद करना पड़ा और यहां जाम की स्थिति बन गई। कटान अभी जारी रहेगा।
जिलाधिकारी आवास परिसर बाउंड्री पर सड़क चौड़ी हो रही है। अंबेडकर चौराहे से कमिश्नरी चौराहे तक दाई तरफ, कमिश्नरी चौराहे से स्टेडियम तक दाई तथा बायीं पटरी तो स्टेडियम चौराहे से वापस अंबेडकर चौक तक मार्ग चौड़ा हो रहा है। इसके लिए पेड़ों का कटान होना है।
ये विशाल छायादार पेड़ हैं लेकिन सड़क चौड़ी होने करने के लिए इन्हें कटना ही होगा। सूबे के सीएम अखिलेश यादव के ग्रीन यूपी क्लीन यूपी अभियान पर यहां कुल्हाड़ा चला है। शनिवार को कलक्ट्रेट के सामने भी पेड़ाें का कटान शुरू हो गया। 166 पेड़ तो पहले ही काटे जा चुके हैं।
अब 327 पेड़ कट रहे हैं। जामुन, सागौन, पुत्रंजीवा, नीम, शहतूत, अशोक, यूके लिप्टस, पीपल, शीशम जैसे विशाल छायादार पेड़ पलक झपकते ही जमीन पर दिखाई दिए। कई पेड़ तो औषधीय गुणों से भरपूर हैं।
लग गया जाम
पेड़ कटान के समय अंबेडकर चौक की तरफ से तो रास्ता रोक दिया गया। यह बोर्ड लगाते हुए कि पेड़ कट रहे हैं, लेकिन कमिश्नरी चौक की तरफ से रास्ता बंद नहीं किया गया। ऐसे में इधर से वाहन गए तो जाम लगा गया। हालांकि बीच से एक सड़क से निकलते हुए स्टेडियम के सामने लोग पहुंचे तो वहां भी पेड़ कटे पड़े थे। उन्हीं के बीच से रास्ता बनाकर निकाला जा सका।
क्या लगाए जा सकेंगे ऐसे पेड़
नियम कहता है कि वन विभाग के एक पेड़ को काटने पर कम से कम पांच पौधे न केवल लगाने होेंगे बल्कि उनका संरक्षण भी करना होगा। हालांकि इस रोड पर बीच में डिवाइडर भी बन रहा है पर सवाल यह है कि क्या विशाल पेड़ों केबदले उसी कैटगरी के पौधे रोपे जाएंगे।
या नीम के बदले छोटे और मौसमी पौधों का रोपण होगा। जिलाधिकारी पंकज यादव कहते हैं कि उन्होंने खुद अपनी कोठी के भीतर पौधारोपण कराया है। डिवाइडर पर भी पौधे लगाए गए हैं जो विशाल रूप लेंगे।