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आत्मदाह का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को मिली जमानत

Sat, 23 Jan 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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कलक्ट्रेट में बृहस्पतिवार को आत्मदाह की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी। झुलसा हुआ तीसरा आरोपी अभी जिला अस्पताल में भर्ती है। उधर लॉजीटेक कैश कंपनी की तरफ से दो आरोपियों पर धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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यह था मामला
कालियागढ़ी, मेडिकल निवासी अनिल, सुनील (दोनाें भाई) और राजकुमार निवासी रामपुर लॉजीटेक कैश कंपनी नोएडा में जॉब करते थे। इनका काम कंपनी द्वारा बताए गए एटीएम में कैश लोड करना था।

जनवरी माह के ऑडिट में तीनों ने 74 लाख रुपये कम होने की बात बताते हुए यह कैश दूसरी कंपनी की तरफ से कैश लोड करने वाले युवकों सनवेश, इरशाद और राहत को देना बताया था। कंपनी ने अनिल पक्ष को कैश जमा कराने को कहा था।
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बृहस्पतिवार दोपहर बातचीत में मसला हल न होने पर कंपनी के अधिकारियों ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर शिकायत की थी। पुलिस ने तीनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था तो तीनों ने थाने जाने के बजाए कलक्ट्रेट पहुंचकर खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा ली थी।

मिल गई जमानत
पुलिस ने अनिल, सुनील और राजकुमार के खिलाफ आत्मदाह का प्रयास करने की धाराओं में केस दर्ज किया था। शुक्रवार को सिविल लाइन पुलिस ने अनिल और सुनील को कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी। अस्पताल में भर्ती होने के चलते पुलिस राजकुमार को पेश नहीं कर सकी।

एसपी क्राइम से मिले अफसर
लॉजीटेक कंपनी के मैनेजर संजय खंडेलवाल ने शुक्रवार को एसपी क्राइम से मिलकर बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में हुए गबन का पैसा बरामद कराने की मांग की। संजय के अनुसार अनिल और सुनील के खिलाफ उन्होंने टीपीनगर थाने में 2.83 लाख रुपये गबन करने का केस दर्ज कराया है।

दोनों आरोपियों से पूछताछ की जाए। इसके अलावा 18 अन्य एटीएम का भी ऑडिट कराया जा रहा है। जिससे गबन की सही रकम सामने आएगी।

दोनों से होगी गहन पूछताछ
एसओ टीपी नगर प्रशांत कपिल के अनुसार अनिल और सुनील के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला धोखाधड़ी का है, इसलिए जांच पड़ताल के बाद ही रिमांड बनाया जाएगा।
 
निष्पक्ष हो कार्रवाई
अनिल और सुनील का कहना है कि हमने सनवेश, इरशाद और राहत को 74 लाख रुपये दिए थे। जिसकी कोई लिखत-पढ़त नहीं है। दावा किया कि हम 20 लाख रुपये कंपनी को लौटा चुके हैं। इन तीनों युवकों से भी पूछताछ की जाए। कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।

ऑडिट बताएगा सही रकम
पुलिस के मुताबिक लॉजीटेक कंपनी ने दिल्ली रोड नवीन मंडी के पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम का ऑडिट किया था। जिसमें 2.83 लाख रुपये कम मिले। यह कैश अनिल और सुनील को लोड करने के लिए दिया गया था।

कंपनी ने जब अन्य 18 एटीएम का ऑडिट करने की बात कही तो दोनों भाईयों ने बताया कि 74 लाख रुपये कम हैं। जोकि उन्होंने दूसरी कंपनी के लोगों को दे दिए हैं। जब सभी एटीएम का ऑडिट हो जाएगा तो सही रकम सामने आएगी।
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