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मेहनत की डिग्री रजिस्ट्रेशन में बताई फर्जी

Fri, 22 Jan 2016 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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मोदीपुरम कृषि विवि की लापरवाही के कारण वेटनरी कॉलेज के 23 छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। छात्रों ने चार साल पूरी लगन से पढ़ाई की, लेकिन उत्तर प्रदेश वेटनरी काउंसिल ने उनकी डिग्री को फर्जी बताकर रजिस्ट्रेशन करने से इनकार कर दिया। छात्रोें ने विवि प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
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वर्ष 2011 में विवि प्रशासन ने वेटनरी कॉलेज में बिना मान्यता के 35 छात्रों का दाखिला ले लिया था। 12 छात्र फेल हो गए थे, जो अब फोर्थ ईयर में हैं। 23 छात्रों की डिग्री पूरी हो गई है। तीन दिन पहले छात्र शमशाद अली, मुकेश अवधेश, संदीप उत्तर प्रदेश वेटनरी काउंसिल लखनऊ में रजिस्ट्रेशन कराने गए थे।

छात्रों ने बताया कि वहां से यह कहकर लौटा दिया कि वर्ष 2011-12 बैच की मान्यता नहीं है। छात्रों ने इस संबंध में कुलपति और रजिस्ट्रार से बात की, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। छात्र बृहस्पतिवार को फिर कुलपति से मिले। छात्रों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बिना वे इंटर्नशिप नहीं कर पाएंगे। डिग्री मान्य न होने से छात्र सदमे में हैं।
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चार साल में दस लाख रुपये खर्च
गोंडा निवासी शमशाद अली ने बताया कि वेटनरी कॉलेज की डिग्री को लेने के लिए चार साल लग गए। चार साल में करीब 10 लाख रुपये का खर्च आ गया। अब छह माह की इंटर्नशिप रह गई है। इंटर्नशिप के लिए उत्तर प्रदेश वेटनरी काउंसिल, वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली और अपने विवि में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है।

कॉलेज को कब मिलेगी मान्यता
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बने वेटनरीकॉलेज को अभी तक मान्यता नहीं मिली है, जिसके चलते कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्रों का भविष्य अंधकार में है। विवि की लापरवाही का दंश छात्रों को झेलना पड़  रहा है। विवि अभी तक मानक के अनुरूप नियुक्ति नहीं कर सका है, जिस कारण अनुमति नहीं मिली है।

‘वीसी, रजिस्ट्रार और पूर्व डीन होंगे जिम्मेदार’
छात्रों ने विवि के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें गुमराह करने के साथ धमकाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है यदि 24 घंटे में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो वह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे। इसके लिए कुलपति, रजिस्ट्रार और पूर्व डीन वेटनरी जिम्मेदार होंगे।
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