मेरठ। ओलंपिक में देश को पहली बार सिल्वर मेडल दिलाने वाले निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौर से जब मेरठ के शूटरों ने मुलाकात की, तो लगा कि कोई मंत्री नहीं बल्कि जूनियर और सीनियर खिलाड़ी मुलाकात कर रहे हैं।
सर्किट हाउस में राठौर से मिलने के लिए रहीसुद्दीन, अंकुर सिंह, शार्दुल विहान, शपथ, विशाल, आनंद, अमित पंवार, अभिनव, राहुल, अमृतांशु, श्वेता चौधरी, आदित्य शर्मा और शहजर रिजवी आदि शूटर पहुंचे। ये सभी निशानेबाज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
राठौर को खिलाड़ियों ने परिचय देने के साथ ही अपनी उपलब्धियां भी बताईं। साथ ही कहा कि यदि मेरठ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों वाली शूटिंग रेंज तैयार हो जाये तो निश्चित रूप से वे देश को ज्यादा मेडल देंगे।
लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों और ठीक अभ्यास न होने के कारण बहुत परेशानी होती है। इस पर राठौर ने सभी को आश्वासन दिया कि केंद्र से जो भी संभव हो सकेगा, वह यहां के खिलाड़ियों को उपलब्ध कराएंगे।
वेस्ट यूपी के लिए हाईकोर्ट बेंच बेहद जरूरी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के लिए हाईकोर्ट बेंच की मांग को जायज ठहराते हुए यह मामला प्रधानमंत्री और विधि मंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है। बुधवार को सर्किट हाउस में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में बेंच को वेस्ट यूपी के लिए उन्होंने बेहद जरूरी बताया।
इस मौके पर मेरठ बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में इस क्षेत्र में बेंच की स्थापना को लेकर मुकदमों की बढ़ती संख्याओं, भौगोलिक पहलू, दूरी, न्यायाधीशों की हाईकोर्ट में कमी सहित सभी पहलुओं पर उनका ध्यान आकर्षित कराया।
पदाधिकारियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद राज्यवर्धन राठौर ने कहा कि वे निश्चित ही इस मांग का समर्थन करते हैं। डेलीगेशन में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, बार अध्यक्ष रोहिताश्व अग्रवाल, महामंत्री संजय शर्मा, राजीव त्यागी, संदीप चौधरी, डीडी शर्मा, अजय त्यागी, गजेंद्र सिंह धामा, गजेंद्र पाल सिंह, ब्रजभूषण गर्ग, राजेंद्र सिहं जानी, पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।
यूपी फतह करना है तो बेंच दिलाओ
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री से कहा कि इलाहाबाद जाने में यहां के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अधिवक्ता गजेंद्र धामा ने कहा कि 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव हैं। यदि भाजपा यूपी फतह करना चाहती है तो मेरठ को हाईकोर्ट बेंच दिलाएं। क्योंकि यह सिर्फ अधिवक्ताओं की नहीं बल्कि मेरठ सहित आसपास के 16 जनपदों की मांग है।
राठौर के दौरे पर पड़ी गुटबाजी की छाया
मेरठ। केंद्रीय राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर भाजपाइयों और आम जनता पर छाप छोड़ गए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्देशित यह दौरा भी भाजपाइयों की आपसी गुटबाजी से अछूता नहीं रहा। इस 32 घंटे के प्रवास में सांसद खेमा पूरी तरह हावी रहा, तो बाकी सब उपेक्षित होकर सिर्फ श्रोता और दर्शक की भूमिका में नजर आये।
मेरठ लोकसभा क्षेत्र में राज्यवर्धन राठौर को प्रवास की जिम्मेदारी दी गयी थी। उनका पहला ही कार्यक्रम भाजपाइयों से सदर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी संगठन स्तर से देखी जाये तो महानगर कमेटी को मिलनी चाहिए थी।
लेकिन पूरी कमान पूर्व महानगर अध्यक्ष और अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. चरण सिंह लिसाड़ी व करुणेश नंदन गर्ग के हाथ रही। महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज से पद की मजबूरी में सिर्फ अध्यक्षता करायी गयी।
किठौर विधानसभा क्षेत्र के नंगलामल में किसान चौपाल का आयोजन हुआ। क्योंकि जिला अभी तक किसी खास गुटबाजी में नहीं है, इसलिए यहां सब ठीक ही दिखा। लेकिन देहात के प्रमुख नेताओं को यहां बोलने तक का मौका नहीं मिला, जिससे वे नाराज नजर आये।
इसके बाद युवाओं और छात्रों से संवाद का कार्यक्रम हुआ तो उसकी जिम्मेदारी महानगर युवा मोर्चा के बजाय सांसद के खास भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री सोमेंद्र तोमर को दी गयी।
अब बात करते हैं राठौर के जलपान और भोजन व्यवस्था की। तो यहां भी सांसद खेमा हावी रहा। राठौर का मंगलवार को जलपाल अंकित कुमार के यहां हुआ, तो दोपहर का खाना रजपुरा मंडल अध्यक्ष सुशील चौहान के यहां हुआ।
जबकि रात्रि भोज सांसद प्रतिनिधि बागपत रोड निवासी सुनील अग्रवाल के यहां हुआ। यही नहीं बुधवार सुबह का नाश्ता अजय गुप्ता नटराज के यहां कराया गया। दोपहर का भोजन सोमेंद्र तोमर के यहां हुआ।
इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी शहर से बाहर होने के कारण मौजूद नहीं रहे। विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, महापौर हरिकांत अहलूवालिया को एक बार भी बोलने का मौका नहीं दिया गया।