सदर स्थित ऋषभ एकेडमी के 157 छात्रों के रेस्ट्रिकेशन के लिये अभिभावकों को नोटिस भेजा गया है। बुधवार को स्कूल में इस आशय का नोटिस बोर्ड पर भी लगाया गया। स्कूल प्रबंधन ने कक्षा नौवीं से 12वीं के इन छात्रों पर अपराध में लिप्त होने, शिक्षकों से मारपीट और छात्राओं से छेड़खानी व बदतमीजी का आरोप लगाते हुए यह कार्यवाही शुरू की है।
स्कूल प्रबंधन ने 16 फरवरी को केजी से 12वीं के बच्चों की परफॉरमेंस लिस्ट लगाई थी। इसके लिए सभी अभिभावकों को स्कूल में बुलाकर उनके बच्चों के बारे में बताया गया। इनमें से 157 छात्र ऐसे हैं (कुछ छात्राएं भी), जिनकी स्थिति बेहद खराब है।
इनके अभिभावकों को बृहस्पतिवार को विद्यालय में बुलाया गया है। प्रबंधन का कहना है कि कई बार वार्निंग देने के बाद भी ये छात्र नहीं सुधरे। आरोप है कि बुधवार सुबह भी छात्रों ने स्कूल में शिक्षिका और अनुशासन प्रभारी से अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की।
आज सीधे होगी कार्रवाई
स्कूल प्रबंधक रंजीत जैन ने कहा है कि 30-40 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिन्हें माफ नहीं किया जाएगा। बृहस्पतिवार को सभी छात्रों के अभिभावकों को सुबूत दिखाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो केस भी दर्ज होगा। इन छात्रों को स्कूल में वापस नहीं लेंगे।
एक साल का रिकॉर्ड बना आधार
स्कूल प्रबंधन ने एक साल में सभी क्लास टीचर से अपनी-अपनी क्लास के सभी छात्रों का परफार्मेंस रिकॉर्ड तैयार कराया। सालभर में कै मरे की रिकार्डिंग, फुटेज और शिक्षक व छात्रों के बयानों के सुबूत स्कूल प्रबंधन के पास हैं।
सालभर पहले अलग किये थे सेक्शन
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों की इन हरकतों क ो देखते हुए साल भर पहले छात्राओं के सेक्शन अलग कर दिए गए थे। आरोप है कि इसके बाद भी छात्र बदतमीजी करते हैं। सेक्शन बंटने के बाद छात्राओं का परीक्षा परिणाम अच्छा आया, लेकिन छात्रों में कोई सुधार नहीं हुआ है।
छात्राओं ने छोड़ा स्कूल आना
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रों द्वारा पहले भी कई छात्राओं को परेशान किया गया है। इस डर से कई छात्राएं स्कूल आना छोड़ चुकी हैं। छात्राओं के परिजनों को धमकाया जाता है कि वे शिकायत न करें।
जैन समाज द्वारा संचालित है स्कूल
सीबीएसई से संबद्ध ऋषभ एकेडमी जैन समाज सदर द्वारा संचालित है। वर्तमान में अध्यक्ष श्रेयांस जैन, सचिव रंजीत जैन, प्रिंसिपल याचना भारद्वाज हैं। लगभग 26 साल पुराना है।