मूल्यांकन पर खड़े होने सवालों और समाधान के लिए मुख्य सूचना आयुक्त भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब विश्वविद्यालयों को छात्र के मांगने पर उत्तर पुस्तिका का प्रिंट देना होगा। दो रुपये प्रति प्रिंट का चार्ज लगाकर कॉपी देनी होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के संदर्भ में जारी किया गया आदेश अब सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा। यूजीसी और शासन ने भी इस बाबत पत्र भेजा है। हाल में दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े एक मामले में मुख्य सूचना आयुक्त ने उत्तर पुस्तिका का प्रिंट देने का आदेश सुनाया है। अगर छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखना चाहता है तो दो रुपये प्रति पेज के हिसाब से चार्ज कर उसे कॉपी का प्रिंट दिया जा सकेगा। इससे मूल्यांकन की गुणवत्ता में इजाफा होगा।
पहला फायदा तो यह होगा की मूल्यांकनकर्ता पर अब दबाव रहेगा। मूल्यांकन में बरती जा रही लापरवाही कम होगी। प्रिंट मिलने की वजह से वह एक दस्तावेज होगा। जिसके आधार पर छात्र चुनौती दे सकेगा। छात्रों की शिकायतें भी कम हो जाएंगी। सीसीएसयू में यह प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया गया है। अब देखना यह है कि पूरा कब तक होता है।
ऑनलाइन प्लान एक्टिव नहीं
पिछले दिनों विश्वविद्यालय ने उत्तर पुस्तिका दिखाने के लिए ऑनलाइन सुविधा देने की व्यवस्था की थी। गौरतलब है आरटीआई डालकर छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखते हैं। यह काम ऑनलाइन करने पर सहमति बनी थी। शिकायतें और आरटीआई ऑनलाइन मंगाने को कहा गया था। ऑनलाइन ही उत्तर पुस्तिका दिखाई जानी थी। रिजल्ट और समाधान सब ऑनलाइन होना था। यह प्लान अभी एक्टिव नहीं हुआ है।