सिपाही पति के खिलाफ कार्रवाई के लिए साल भर से चक्कर काट रही महिला शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस में बेहोश हो गई। रिटायर्ड इंस्पेक्टर की इस बेटी ने सिपाही पति के खिलाफ महिला थाने में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिस दबाव में आकर कार्रवाई नहीं कर रही। एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
परिजनों के अनुसार इंचौली निवासी रिटायर्ड इंस्पेक्टर जुल्फिकार अहमद की बेटी इरम की शादी करीब दो साल पूर्व नफीस के साथ हुई थी। नफीस सहारनपुर के कुतुबशेर थाने में सिपाही के पद पर तैनात है। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसका पति और ससुराल वाले दहेज की मांग करते थे।
विरोध करने पर उसका गर्भपात करा दिया गया। एक साल पूर्व ससुरालियों ने उसकी जान लेने की कोशिश की। बेहोशी की हालत में मवाना रोड पर फेंक दिया था। जिसके बाद उसने ससुरालियों के खिलाफ महिला थाने में दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने ससुरालियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोप है कि शुक्रवार को जब इरम ने महिला थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर नरगिस खान से आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की तो इंस्पेक्टर ने सुबूत न दिखाने पर उसे थाने से फटकार कर भगा दिया। जिसके बाद महिला रोती बिखलती हालत में एसएसपी ऑफिस पहुंची।
एसएसपी डीसी दूबे उस समय शिकायत सुन रहे थे। पुलिस कर्मियों ने महिला को रोने का कारण पूछा तो वह बेहोश हो गई। जिसके बाद एसएसपी ने महिला को इलाज के लिये अस्पताल भिजवाया।
महिला ने अपने पति के साथ रहने की बात कही थी। दंपति को रविवार को थाने बुलाया गया था। मैंने उससे गर्भपात के मामले में कागज मांगे थे। थाने से भगाने और फटकारने के आरोप गलत हैं।
-नरगिस खान, इंस्पेक्टर महिला थाना