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उम्र घटी, स्पोर्ट्स कॉलेज से रुचि हटी

Tue, 23 Feb 2016 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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प्रदेश के तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को कैलाश प्रकार स्पोर्ट्स स्टेडियम में छह खेलों के ट्रायल लिया गया। दो खेलों में एक भी खिलाड़ी नहीं पहुंचा। बाकी खेलों में कुल 17 खिलाड़ियों ने ही ट्रायल दिया है। खिलाड़ियों की कम संख्या की वजह उम्र कम होने बताया जा रहा है।
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प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने में जुटी है। प्रदेश सरकार ने नवोदित खिलाड़ियों को अपने अनुरूप ढालने के उद्देश्य से ही स्पोर्ट्स कॉलेज के दाखिला प्रक्रिया में परिवर्तन किया था।

गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ में भी इस सत्र से वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई की तरह कक्षा छह में ही खिलाड़ियों का दाखिला लिया जा रहा है।
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स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई पिछले साल ही शुरू हुआ है। इसी नियम के तहत कक्षा छह में दाखिले के लिए मेरठ मंडल के सभी जिलों के इच्छुक खिलाड़ियों का ट्रायल स्टेडियम में लिया गया। इस दौरान ट्रायल लेने वाले प्रत्येक खेल में दो-दो टेक्निकल कोच लखनऊ से ही आए थे।

जिन्होंने अपनी रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। कक्षा छह में सत्र 2016-17 की दाखिला के जो अभ्यर्थी की आयु 1 अप्रैल 2016 को 9 से 12 वर्ष के मध्य मांगी गई थी। अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य एवं आयु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र की छाया प्रति, आयु, स्वास्थ्य एवं निवास का मूल प्रमाण पत्र भी मांगा गया था। इस दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी मुद्रिका पाठक, जयवीर सिंह, नवीन गुप्ता, ललित पंत मौजूद रहे।

खिलाड़ी न आने की वजह
खेलों के जानकार मानते हैं कि इस सत्र से गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ में भी कक्षा छह में दाखिला लेने की प्रक्रिया के कारण ही छोटे बच्चे ट्रायल देने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

उनका मानना है कि पहले बड़े बच्चों की संख्या ज्यादा होती थी। जो छोटे बच्चे आते थे, वह गोरखपुर और पिछले सत्र में शुरू हुए सैफई कॉलेज में दाखिले ले लेते थे। कुछ जानकार पिछले कुछ सालों में इन स्पोर्ट्स कॉलेजों से कोई भी नामचीन खिलाड़ी न निकलना भी वजह मान रहे हैं।

इन खेलों में नहीं एक भी खिलाड़ी
गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में अच्छे तैराक हैं। मेरठ में भी कई तैराक अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बाद भी स्वीमिंग और जूडो में एक भी खिलाड़ी ट्रायल देने नहीं आया। स्टेडियम के स्वीमिंग पूल में पानी नहीं है, ऐसे में यहां ट्रायल भी नहीं लिया जा सकता था।
 
इन कॉलेजों में ये हैं खेल
लखनऊ के गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में एथलेटिक्स, फुटबाल, हॉकी, वॉलीबाल (बालक वर्ग), गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में कुश्ती, जिमनास्टिक, वॉलीबाल (बालक/बालिका वर्ग) हॉकी (बालिका वर्ग) एवं सैफई के स्पोर्ट्स कॉलेज में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी कुश्ती कबड्डी तैराकी (बालक वर्ग) बैडमिंटन (बालक/बालिका वर्ग) जूडो (बालक वर्ग) हैं।
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