तेजगढ़ी चौराहे से हापुड़ चुंगी (हापुड़ रोड को मिलाने वाली सड़क) तक भू उपयोग परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। इंतजार बस लखनऊ में आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक का है।
इस संबंध में परिषद के अधिकारी पहले ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज चुके हैं। साथ ही रिमाइंडर भेजकर कहा है कि महायोजना में यह मार्ग मिश्रित भू उपयोग के लिए प्रस्तावित है।
ऐसे में इसमें परिवर्तन जरूरी है। यह इसलिये भी जरूरी है, क्योंकि इस रोड पर 70 फीसदी से ज्यादा निर्माण में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं। ऐसे में यह परिवर्तन यहां के लोगों और आवास विकास परिषद के लिये राहत भरा साबित होगा।
हापुड़ रोड एल ब्लॉक टी प्वाइंट से लेकर तेजगढ़ी चौराहे को मिलाने वाली रोड 45 मीटर चौड़ी है। यह पौने तीन किमी लंबी। इस रोड का वर्तमान भू उपयोग आवासीय है यानी यहां सिर्फ आवास ही बनाए जा सकते हैं।
उधर, इस रोड पर बैंक शाखाएं, नर्सिंग होम, बैंक्वेट हॉल, दुकानें, स्कूल जैसे तमाम व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं, जो पूरी तरह से अनाधिकृत हैं। चूंकि,यहां भू उपयोग आवासीय है तो आवास विकास भी कई बार नोटिस जारी कर चुका है। इस रोड पर डेढ़ सौ से ज्यादा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन गए हैं।
अब बन सकती है बात
मेरठ महायोजना-2021 में इस रोड को मिश्रित भू-उपयोग के लिए रखा गया है यानी आवास के नीचे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाया जा सकता है। मास्टर प्लान के इस प्रस्ताव को अमल में नहीं लाया जा सका है। इस संबंध में शासन या हाउसिंग बोर्ड की बोर्ड की मंजूरी लेनी होगी।
शासन को पहले भी प्रस्ताव भेजा गया था, पर वह ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर से प्रस्ताव भेजा गया है। पुराने प्रस्ताव की याद दिलाते हुए रिमाइंडर भी आयुक्त आवास को भेजा गया है।
प्रतिष्ठान भी आगे आए गए
बैंक समेत कई प्रतिष्ठानों ने अब इस मामले की पैरवी शुरू कर दी है। उन्होंने आवेदन किया है कि शमन शुल्क जमा कर उनका भू उपयोग परिवर्तित कर दिया जाए।
ऐसे में माना जा रहा है कि अब जल्द ही इस सड़क पर भू- उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी।
दोनों तरफ फायदे का सौदा
जो व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं वह नियमित हो सकेंगे।
आवास विकास को शमन शुल्क से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ होगा।
जिनके आवास यहां हैं, वे नियमानुसार व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।
शास्त्रीनगर के अन्य क्षेत्रों के लिये भी इस तरह का विकल्प खुल सकेगा। अन्य क्षेत्रों में भी यही समस्या है।
व्यावसायिक गतिविधियां
07 बैंक शाखाएं हैं तेजगढ़ी चौराहे से हापुड़ चुंगी तक
05 नर्सिंग होम भी संचालित हो रहे हैं इस क्षेत्र में
48 शोरूम और 110 दुकानों का भी हो रहा है संचालन
प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस रोड पर भू उपयोग को महायोजना के मुताबिक यदि मिश्रित कर दिया जाए तो आवास विकास और यहां के लोगों को लाभ होगा। शासन में इस पर गंभीरता से मंथन चल रहा है।-आरएस सिंह, अधीक्षण अभियंता आवास विकास परिषद