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नैक से कैंपस हो गए सेट

Wed, 17 Feb 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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शहर के शिक्षण संस्थानों की तस्वीर बदल रही है। पुरानी इमारत पुताई से नई सी लगने लगी है। किसी कॉलेज ने वॉटर हार्वेस्टिंग कराया तो किसी ने कंप्यूटर लैब की कायापलट की। किसी के यहां लगा संगमरमर बिल्डिंग की शान बढ़ा रहा है।
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लिफ्ट की सुविधा भी छात्रों को मिली। कैंपस वाई-फाई हो गए। यह सारी कवायद नैक (नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल) निरीक्षण के मद्देनजर हुई।

अच्छे ग्रेड हासिल करने के लिए कॉलेज प्रशासन से लेकर मैनेजमेंट तक ने जी जान लगा दी। कैंपस में इसकी झलक दिख रही है। यह काम अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में हो रहा है। अप्रैल में नैक की टीम आनी है।
 
डीएन डिग्री कॉलेज
देवनागरी डिग्री कॉलेज को नैक निरीक्षण में ए ग्रेड मिला है। कॉलेज का हर डिपार्टमेंट अपग्रेड कर दिया गया। ग्राउंड से लेकर इमारत तक सब चमक गई। दो ई क्लासरूम में तैयार किए गए। कॉमर्स लैब, वॉटर हार्वेस्टिंग और लाइब्रेरी को अपग्रेड किया गया। लाइब्रेरी के भवन पर फर्स्ट फ्लोर तैयार हुआ।
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कंप्यूटर लैब में 10 नए कंप्यूटर जोड़े गए। किताबों की संख्या बढ़ाने के अलावा कैंपस को वाई-फाई किया गया। बिल्डिंग की मरम्मत का काम हुआ। नतीजा यह है कि अगले पांच सात साल अगर कॉलेज में कुछ न भी हो तो कैंपस अच्छा रहेगा।

इस्माईल डिग्री कॉलेज
हाल में इस्माईल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज का नैक निरीक्षण हुआ है। इस कॉलेज को भी नैक ने ए ग्रेड दी है। कॉलेज जहां शहर के सेंटर प्वाइंट पर स्थित है, वहीं जगह की कमी कैंपस के लिए थोड़ी खलती है। बावजूद इसके कॉलेज प्रशासन और मैनेजमेंट ने कैंपस को चमकाने में कमी नहीं छोड़ी।

शहर का पहला कॉलेज है जहां पर छात्राओं के लिए लिफ्ट लगी है। लैंग्वेज लैब डेवलेप की गई। मार्डन क्लासरूम बनाए गए। हर विभाग में इंटरनेट की सुविधा देने के अलावा प्रोजेक्टर भी लगाए गए। विभाग और लाइब्रेरी अपग्रेड हुई।

सीसीएसयू की तैयारी
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में नैक निरीक्षण की तैयारी व्यापक स्तर पर कर रहा है। सभी विभाग इसमें जुटे हैं। क्योंकि कैंपस बड़ा है और नैक का पैमाना भी विवि के लिए अलग है तो तैयारी भी उसी तरह बड़े स्तर पर चल रही है। पांच छह साल से जिन विभागों के भवन में पुताई या मरम्मत नहीं हुई थी,

उन्हीं ठीक किया जा रहा है। कैंपस को ईको फ्रेंडली बनाया जा रहा है। सौलर लाइट लगाई जा रही हैं। पक्षियों के लिए पेड़ों पर 200 पिंजरे टांगे जाएंगे। बिल्डिंग का रंग भी बदल गया है। कैंपस हर-भरा है। सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है।
दूसरे कॉलेजों के तुलना में हमारे पास जगह कम है। बिल्डिंग ऊंची होने की वजह से छात्राओं के लिए लिफ्ट लगाई गई। लैब और विभाग अपग्रेड हो गए हैं। नैक की वजह से कॉलेज नया सा हो गया।
- डॉ. इंदु शर्मा, प्रिंसिपल, डॉ. इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज

विवि का कैंपस सुंदर और हरा-भरा है। नैक की तैयारी के लिए विभागाध्यक्षों और प्रशासन को निर्देश दिया है। सब लोग इसमें लगे हैं। तैयारी की वजह से कैंपस और सुंदर हो जाएगा।
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- प्रो. एनके तनेजा, कुलपति, सीसीएसयू
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