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बाबू और चपरासी बनेंगे कक्ष निरीक्षक!

Tue, 16 Feb 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस बार रामभरोसे हैं। अभी तक कक्ष निरीक्षक फाइनल नहीं हुए हैं। सोमवार को परीक्षा की तैयारियों को लेकर डीएम पंकज यादव ने बैठक ली। इसमें भी शिक्षकों की कमी का मुद्दा छाया रहा।
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केंद्र व्यवस्थापकों ने कई बार कक्ष निरीक्षक दिलाने की मांग की। बीएसए अपने शिक्षकों की ड्यूटी लगाने को तो राजी हो गए हैं, लेकिन संख्या नहीं बता पाए हैं। इससे स्थिति असमंजस में है। इस बार बोर्ड परीक्षा चपरासी और बाबुओं के भरोसे होगी। इससे नकल विहीन परीक्षा कराने की कोई गारंटी नहीं है।

दो दिन बाद यानि 18 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग से 1800 शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के तौर पर लगाने की मांग की है, लेकिन बीएसए शिक्षक देने से हाथ खड़े करते रहे हैं।
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परीक्षा शुरू होने से पहले कानून एवं व्यवस्था से लेकर सुरक्षा के मुद्दे पर बुलाई गई बैठक में डीआईओएस श्रवण कुमार ने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है।

एडीएम सिटी एसके दूबे ने बीएसए से शिक्षक देने को कहा। बीएसए ने कहा कि हमारे यहां पर भी परीक्षाएं शुरू होनी हैं। शासन का निर्देश है कि शिक्षकों की ड्यूटी अतिरिक्त काम में न लगाई जाए। लेकिन फिर भी अहम विषयों की परीक्षाओं में कुछ शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है।

डीएम ने निर्देश दिया है कि सभी केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा शुरू होने से पहले सारी व्यवस्थाएं कर लें। परीक्षा के दौरान कक्षों में निरीक्षण कार्य भी कराएं। विभागीय सचल दल के साथ प्रशासन की टीमें भी केंद्रों का दौरा करेंगी। अगर कहीं पर कोई घटना होता है तो तत्काल उसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दें।
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सभी केंद्रों पर पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। बैठक में एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र, एसपी देहात डॉ. प्रवीण रंजन व एसपी सिटी मौजूद रहे।
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