साकेत स्थित शिव मंदिर में हिंदू स्वाभिमान मंच द्वारा प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इसमें पंच खंड पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेंद्र महाराज ने कहा कश्मीर देशद्रोह की फैक्ट्री है वहीं इसकी प्रयोगशाला अब यूपी बनता जा रहा है। उन्होंने कहा जेएनयू में जो हुआ उसका विरोध जरूरी है। ऐसे लोगों पर सार्वजनिक रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे लोग लोकतंत्र के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
आचार्य धर्मेंद्र महाराज ने कहा हिंदुस्तान से बड़ा सहिष्णु कोई नहीं है। पहले विशेष जाति के लोग आए और फिर अंग्रेज आए। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा स्वच्छ भारत अभियान तो प्राणहीन वस्तु पर चलाया जा रहा है। इस अभियान को प्राण वाले लोगों पर भी चलाया जाना चाहिए, जो देश के अहित में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आचार्य जी ने कहा एक समुदाय के लोगों को सब्सिडी दी जाती है, लेकिन हिंदुओं को इस तरह की धार्मिक सुविधाओं से दूर कर भेदभाव किया जा रहा है।
कहा यह बहुत विडंबना का विषय है कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को भूले बैठे हैं। कहा उत्तर प्रदेश वह पुण्य स्थान है जहां भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने अवतरित हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह आरएसएस के संस्थापक डॉ. हैड गवार को भूल गए हैं। अब किसी भी भाषण में हिंदू राष्ट्र शब्द का प्रयोग नहीं किया जाता। इस दौरान उन्होंने अदनान सामी को नागरिकता दिए जाने का विरोध किया।
उन्होंने कहा हमारी मांग है कि भारत को सिर्फ हिंदुस्तान ही कहा जाए साथ ही गाजियाबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों का नाम बदला जाए। इस अवसर पर यति नरसिंहानंद सरस्वती, अधिवक्ता चेतना शर्मा मौजूद रहीं।