बोर्ड परीक्षा शुरू होने में छह दिन शेष हैं और तैयारियों के नाम पर शिक्षा विभाग में खींचतान चल रही है। रस्म अदायगी के लिए सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्यों को बीएसएनएल के सिम कार्ड बांट दिए गए हैं, लेकिन अभी तक कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी का कोई अता पता नहीं है।
कक्ष निरीक्षकों को लेकर सबसे ज्यादा खींचतान सेल्फ फाइनेंस विद्यालयों के शिक्षकों को लेकर मची है। डीआईओएस व अन्य अधिकारी चाहते हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए, लेकिन वहां से इस बार शिक्षक मिलने की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है।
ऐसे में डीआईओएस कार्यालय का एक खेमा सेल्फ फाइनेंस विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के तौर पर लगाने के पक्ष में खड़ा है। उधर, डीआईओएस श्रवण कुमार यादव का कहना है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बड़े यानी अहम प्रश्न पत्रों में बेसिक के शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जाएगी।
जिसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी से बात की जा रही है और उन्होंने लगभग स्वीकृति भी दे दी है। हालांकि सबसे बड़ी दिक्कत इस बात को लेकर आ रही है कि बेसिक शिक्षा विभाग में प्राइमरी और उच्च प्राथमिक विद्यालय में परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं और कई प्रश्न पत्र उस दिन पड़ रहे हैं, जब यूपी बोर्ड में मैथ, बायोलॉजी व अंग्रेजी जैसे विषयों की परीक्षा हैं। ऐसे में वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को लगाया जा सकता है।
15 को बुलाई गई बैठक ःपरीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूम देने और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 15 फरवरी को सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर में समस्त केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक बुलाई गई है।
एप के जरिये भेजना होगा उपस्थिति का ब्यौरा
इस बार हर परीक्षा केंद्र को मोबाइल एप के जरिये छात्रों की उपस्थित व अनुपस्थित का ब्यौरा माध्यमिक शिक्षा परिषद को देना होगा। जिसको लेकर बृहस्पतिवार को हावर्ड प्लेस्टर्ड गर्ल्स इंटर कॉलेज में सभी केंद्र व्यवस्थापकों एवं प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई गई।
एडीएम सिटी एसके दूबे और डीआईओएस श्रवण कुमार की मौजूदगी में सिम कार्ड बांटे गए। इसी बीच 140 बोर्ड परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को सिम कार्ड देते हुए एंड्रायड फोन पर माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से तैयार किए गए एप को अपने फोन पर डाउनलोड कर उस पर परीक्षा का ब्यौरा अपलोड किए जाने की ट्रेनिंग दी गई।