जांच में सामने आया कि मेरठ के डिग्री कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थानों के युवाओं को भी गुड्डी कोकीन और हेरोइन सप्लाई करती है। उत्तराखंड, और महाराष्ट के पुणे में भी गिरोह ने मादक पदार्थ तस्करी का जाल बिछा रखा है। इससे पहले भी मेडिकल, कंकरखेड़ा, परतापुर, सिविल लाइन पुलिस बीते पांच सालों में करोड़ों रुपये की कोकीन बरामद कर चुकी है।
युवाओं की लगती है भीड़
कंकरखेड़ा में सरधना रोड पर ही नहीं बल्कि कई जगह पर युवक मादक पदार्थ खरीदकर नशा करते हैं। जिस भांग के ठेके पर राकेश जैन सप्लाई करता था, वहां दोपहर बाद युवकों की भीड़ लगती है। कंकरखेड़ा, शोभापुर, जवाहर नगर, रेलवे स्टेशन के पास, दिल्ली रोड और गंगानगर में भी मादक पदार्थ सप्लाई की शिकायतें मिली थीं।
इस मकान से चल रहा था नशे का व्यापार
- फोटो : अमर उजाला
गुड्डी के पर्स में मिले पैकेट
छापामारी से पहले गुड्डी को इसकी सूचना मिल गई थी। वह एक युवक के साथ फरार हो गई। फरार हुए युवक के पास काले रंग का बैग बताया गया। वहीं सेफ में रखे गुड्डी के लेडीज पर्स से भी पैकेट मिलने बताए गए हैं। टीम का कहना है गुड्डी अपने पर्स में मादक पदार्थ लेकर चलती थी।
गांजा: : गांजा एक मादक पदार्थ है। भांग के पौधे के फूल, नई पत्नी और तने को सुखाकर इसे बनाया जाता है। यह प्रतिबंधित है।
हेरोइन: यह प्रतिबंधित पदार्थ है। अफीम के संश्लेषण से इसको बनाया जाता है। इसमें कई केमिकल भी मिलाए जाते हैं। यह सफेद रंग का होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किग्रा की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।
कोकीन: यह कोका पौधे की पत्तियों से बनाया जाता है। यह भी प्रतिबंधित है। इसकी एक कि ग्रा मात्रा की कीमत ढाई करोड़ से अधिक बताई गई।
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