पीड़िता ने बताया कि उसका मायके और ससुराल से मतभेद है। उसने घंटाघर स्थित प्रधान डाकघर में आरडी की थी। पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने सीनियर पोस्ट मास्टर और अन्य अधिकारियों से 8 लाख 18 हजार रुपये का चेक जारी कराया था। डाकघर के अधिकारियों के कहने पर डिस्पैच लिपिक सीमा ने चेक सौतेले भाई गोविंद को दे दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि गोविंद ने चेक को भाभी अंजलि के अकांउट से भुगतान करा लिया। जांच में पता चला कि रोहटा रोड स्थित बैंक के खाते में भुगतान गया। एसओ देहलीगेट रविंद्र सिंह ने बताया कि गोविंद, उसकी पत्नी अंजिल, चंद्रपाल, अंकित, आरजू, सीनियर पोस्ट मास्टर, डिप्टी पोस्टमास्टर रतन और लिपिक सीमा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पीड़िता ने कहा कि आरोपी लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि मुकदमा पूर्व का है, शुक्रवार को पीड़िता मिली थी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।