पिछले पेराई सत्र 2018-19 के भुगतान की बात करें तो मेरठ मंडल की शुगर मिलों पर अभी भी 1554 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। किसानों के बीच किरकिरी होने से बचने के लिए प्रदेश सरकार ने शुगर इंडस्ट्री को 31 अगस्त तक भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया था।
दौराला शुगर मिल को छोड़कर बाकी 15 शुगर मिलों ने पूरा भुगतान नहीं किया है। भुगतान करने में सबसे खराब स्थित किनौनी, मोदीनगर, मलकपुर, सिंभावली, बृजनाथपुर, बुलंदशहर मिल की है।
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भुगतान के लिए नहीं उठाए सख्त कदम
अल्टीमेटम के बाद भी शुगर मिलों ने संपूर्ण बकाये का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद भी गन्ना विभाग मिलों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आगामी पेराई सत्र 2019-20 की तैयारी शुरू हो चुकी है। 20 से 31 अक्तूबर के बीच पेराई सत्र शुरू करना है। इसे देखते हुए गन्ना विभाग शुगर इंडस्ट्री को नाराज नहीं करना चाहता है। उसे डर है कि कहीं मिलें नाराज होकर आगामी पेराई सत्र शुरू करने से हाथ खड़ा न कर दें।
रालोद और भाकियू ने दी चेतावनी
गन्ना बकाया भुगतान नहीं होने पर रालोद और भाकियू ने आंदोलन की चेतावनी दी है। रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि सरकार का गन्ना बकाया भुगतान कराने का अल्टीमेटम 31 अगस्त को खत्म हो गया है। लेकिन मिलों ने सरकार की नहीं सुनी। सरकार चुप है, लेकिन रालोद चुप नहीं बैठेगा। वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने भी जल्द इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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ये हैं जिले की मिलों के बकाये का हाल
मिल गन्ना मूल्य बकाया (लाख रुपये में)
मवाना 18988
किनौनी 26754
नंगलामल 6556
सकौती 580
मोहिउद्दीनपुर 3653
क्या बोले अधिकारी
शुगर मिलों पर बकाया भुगतान कराने के लिए पूरा दबाव बनाया हुआ है। आगामी पेराई सत्र की तैयारी भी कराई जा रही है। शासन का जो भी निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र