विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई।
संगठन ने कहा कि हिंदू मंदिर में आने वाली धनराशि हिंदू के लिए खर्च होनी चाहिए। इस दौरान घर वापसी क्यों और कैसे हिंदी और अंग्रेजी संस्करण का विमोचन किया गया। बैठक में धर्मांतरण रोकने और घर वापसी के लिए कार्य योजना बनाई गई।
गोरक्षा व गोसंवर्धन के लिए मासिक पत्रिका गोसंपदा का भी विमोचन किया गया। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख विजय शंकर तिवारी ने बताया कि मंदिर हिंदू आस्था का केंद्र और पूजा हिंदू समाज का सहज स्वभाव है।
उन्होंने बताया कि केंद्र के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बैठक में मंदिर में होने वाले प्राचीन कार्यों के विषय में बताया। कहा कि मुगल और अंग्रेजों ने मंदिर की धन संपदा का दुरुपयोग किया। आज एक बार यह परिस्थिति हमारे सामने है।
आजादी के बाद सरकार के मंत्रियों ने अंग्रेजी नीति को अपनाया। आज भी मंदिरों के धन का दुरुपयोग हो रहा है। बैठक में साक्ष्य के रूप में केरल के शबरीमला मंदिर, तमिलनाडु के मंदिर, तिरुपति मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर के मामले रखे गए। बताया कि कई जगह न्यायालय के सहयोग से न्याय मिला है।