मेरठ मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को शाहपीर गेट की रहने वाली महिला शम्मो (32) के छह माह (प्रीमैच्योर) के नवजात को शूकर ने मुंह में ले लिया था, उसे उसकी मौत होने की भी जानकारी नहीं है। वह मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। वह अर्धबेहोशी की हालत में थी। बुधवार को ही उसे होश आया है। उसका कहना है कि उस बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
शम्मो की भाभी रिहाना ने बताया कि शम्मो के प्री मैच्योर मृत बच्चा (बेटा) महिला जिला अस्पताल में हुआ था। तबियत ज्यादा खराब होने पर शम्मो को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज में 108 एंबुलेंस के जरिए उन्हें सुबह करीब सवा 11 बजे लाया गया। पीड़िता को गायनिक वार्ड में भर्ती कर लिया गया है, वह उसके साथ वार्ड में चली गई, जबकि शम्मो की सास और नवजात की दादी शकीला पन्नी में नवजात का शव लेकर अस्पताल परिसर में थी। उनके साथ शम्मो का दो साल का एक बेटा था। शकीला दो साल के बेटे को लेकर ई-रिक्शा में घर आ गई और नवजात वाली पन्नी को सड़क किनारे छोड़ दिया। उन्हें बाद में पता चला कि उस पन्नी को शूकर ने मुंह में ले लिया था, जिसे लोगों ने छुड़ाया। बाद में नवजात के शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया गया है।