फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिंदगी और मौत से लड़ रही 'मां' से बिछड़ गया नवजात, दर्दनाक मौत से हर कोई हैरान

Wed, 09 Jan 2019 11:44 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती महिला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मेरठ मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को शाहपीर गेट की रहने वाली महिला शम्मो (32) के छह माह (प्रीमैच्योर) के नवजात को शूकर ने मुंह में ले लिया था, उसे उसकी मौत होने की भी जानकारी नहीं है। वह मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। वह अर्धबेहोशी की हालत में थी। बुधवार को ही उसे होश आया है। उसका कहना है कि उस बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

विज्ञापन


शम्मो की भाभी रिहाना ने बताया कि शम्मो के प्री मैच्योर मृत बच्चा (बेटा) महिला जिला अस्पताल में हुआ था। तबियत ज्यादा खराब होने पर शम्मो को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज में 108 एंबुलेंस के जरिए उन्हें सुबह करीब सवा 11 बजे लाया गया। पीड़िता को गायनिक वार्ड में भर्ती कर लिया गया है, वह उसके साथ वार्ड में चली गई, जबकि शम्मो की सास और नवजात की दादी शकीला पन्नी में नवजात का शव लेकर अस्पताल परिसर में थी। उनके साथ शम्मो का दो साल का एक बेटा था। शकीला दो साल के बेटे को लेकर ई-रिक्शा में घर आ गई और नवजात वाली पन्नी को सड़क किनारे छोड़ दिया। उन्हें बाद में पता चला कि उस पन्नी को शूकर ने मुंह में ले लिया था, जिसे लोगों ने छुड़ाया। बाद में नवजात के शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया गया है।

Trending Videos

छठा बच्चा था यह 
शम्मो और इलमास के यह छठा बच्चा था। इससे पहले इनके पांच बच्चे हैं। तीन बेटियां और दो बेटे है। इलमास ऑटो रिक्शा चलाता है। इनका परिवार शाहपीर गेट इलाके में रहता है।

हीमोग्लोबिन रह गया था महज चार
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि शम्मो का हीमोग्लोबिन महज चार रह गया था। उसे तीन यूनिट ब्लड चढ़ा है, तब जाकर वह थोड़ी बेहतर हो पाई है। उसका इलाज जारी है। वह एनीमिया की शिकार थी। शायद इसी वजह से उसने प्रीमैच्योर बेबी को जन्म दिया है।
विज्ञापन

पिता ने लिखकर दिया, नवजात कहीं गिर गया
शम्मो के पति इलमास ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता को लिखकर दिया है कि ‘नवजात मेरी मां के पास था, संभव है वह उनसे कहीं गिर गया हो, क्योंकि मेरी मरीज गंभीर थी और हमने नवजात की ओर ध्यान नहीं दिया, तो कहीं गिर गया। अस्पताल के कर्मचारियों या अन्य स्टाफ को नवजात नहीं सौंपा था।’

अन्य मरीजों को तीमारदारों ने बताया
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि नवजात शूकर के मुंह में था, ऐसा उसके परिवारवालों नहीं, बल्कि अन्य लोगों ने बताया है। जहां की घटना बताई जा रही है, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इस तरह की घटना को लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें