पार्किंग स्थल पर काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार पहले 16 घंटे तक का एक स्लैब होता था लेकिन अब इसे घटाकर मात्र 6 घंटे कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अगर कोई नौकरीपेशा व्यक्ति सुबह 8 बजे गाड़ी खड़ी करता है और शाम 6 बजे लौटता है तो उसे अब कहीं ज्यादा भुगतान करना होगा। वहीं हेलमेट रखने के लिए यात्रियों को अलग से शुल्क देना होगा।
ऐसा रहेगा नया पार्किंग शुल्क
| वाहन का प्रकार |
10 मिनट तक |
6 घंटे तक |
6 से 12 घंटे |
12 से 16 घंटे |
नाइट |
मासिक पास |
| साइकिल |
फ्री |
5 |
5 |
10 |
20 |
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| स्कूटर/बाइक |
फ्री |
10 |
25 |
30 |
60 |
600 |
| कार/एसयूवी |
फ्री |
30 |
60 |
80 |
200 |
2000 |
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16 घंटे से अधिक (संचालन समय तक) कार के लिए 100 रुपये और बाइक के लिए 30 रुपये तय हैं।
लोगों ने जताई नाराजगी
शुक्रवार को मेरठ साउथ स्टेशन पहुंचे यात्रियों ने इन बढ़ी हुई दरों पर कड़ी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि वे जाम से बचने के लिए रैपिड रेल का रुख कर रहे थे लेकिन पार्किंग के मनमाने दामों ने मुश्किल बढ़ा दी है।
लोगों का कहना है कि जहां एक ओर सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं पार्किंग दरों में इस तरह की वृद्धि यात्रियों को हतोत्साहित कर रही है। यात्रियों की मांग है कि मासिक पास की दरों को और कम किया जाए और समय सीमा में रियायत दी जाए।
रिठानी निवासी हेमंत सैनी ने बताया कि दिल्ली आने-जाने में पूरा दिन लग जाता है। नई दरों के हिसाब से रोजाना पार्किंग पर ही बड़ा हिस्सा खर्च हो जाएगा। यात्रियों पर ऐसे बोझ नहीं डालना चाहिए।
मोहिउद्दीनपुर निवासी शुभम बैंसला का कहना है कि रैपिड से सफर आसान हुआ था लेकिन पार्किंग के दाम बढ़ाना गलत है। नौकरीपेशा लोगों की आय सीमित होती है ऐसे में यह वृद्धि जेब पर असर डालेगी।