मेरठ में हत्यारी पत्नी और उसके प्रेमी को स्पेशल जज (एसी) पंकज मिश्रा की कोर्ट ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा कांशीराम ने थाना ब्रह्मपुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र चरण सिंह की शादी 22 वर्ष पूर्व नया गांव इंचौली निवासी आशा से हुई थी। शादी के कुछ वर्ष बाद आशा का चालचलन ठीक नहीं रहा और वह नरेंद्र पाल पुत्र तेजपाल निवासी नई बस्ती लल्लापुरा से चोरी छिपे मिलती रहती थी। जिसका कांशीराम व चरण सिंह विरोध करते थे। अवैध संबंधों के चलते आशा की तीन संतानें हुईं। वह चरण सिंह को अपने साथ बहला फुसलाकर परिजनों से अलग माधवपुरम ले गई। चरण सिंह ने अपने परिजनों से अंदेशा जताया था कि आशा और नरेंद्र कभी भी उसकी हत्या कर सकते हैं। 26 सितंबर 2013 को चरण सिंह की मौत हो गई।
वहीं पुलिस ने आशा और नरेंद्र के खिलाफ चार्जशीट पेश की। जिसका विचारण स्पेशल जज पंकज मिश्रा की अदालत में किया गया। जहां पर सरकारी वकील विरेश त्यागी व वादी के अधिवक्ता नरेश कुमार ने वादी सहित छह गवाह पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर अदालत ने सजा सुनाई।
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