मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है, जिसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है और 5 किमी का सेक्शन भूमिगत है। मेरठ में कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें से 9 स्टेशन एलिवेटेड और 3 स्टेशन भूमिगत हैं। एक स्टेशन (डिपो स्टेशन) ग्राउंड लेवल पर होगा। एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल मेरठ मेट्रो ट्रेन के बारे में जानकारी देंगे।
शहर के अंदर आरआरटीएस कॉरिडोर पर ही मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम डिपो तक रैपिड के साथ मेट्रो चलाई जाएगी। इसके लिए मेरठ दक्षिण स्टेशन से मोदीपुरम तक करीब 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जा रहा है। यह कॉरिडोर अगले वर्ष मार्च-अप्रैल तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद नमो भारत और मेट्रो दोनों का परिचालन होने लगेगा। मेरठ में कुल 12 मेट्रो चलेंगी। एक ट्रेन में तीन डिब्बे होंगे। दुहाई डिपो में पांच मेट्रो पहुंच गई हैं। ट्रेन के डिब्बे गुजरात से बड़े ट्रॉले में लाए जा रहे हैं। डिपो में डिब्बों को जोड़ा जा रहा है। इन सभी की टेस्टिंग शुरू हो गई है। इसके लिए डिपो में 700 मीटर लंबा ट्रैक बनाया है। शताब्दीनगर में विद्युत आपूर्ति के लिए पावर सबस्टेशन बनकर तैयार हो गया है, जबकि मोदीपुरम में दूसरे सब स्टेशन का काम चल रहा है।
मेरठ मेट्रो की ट्रेन अत्याधुनिक हल्के वजन और स्टेनलेस स्टील से निर्मित हैं। एक ट्रेन में 700 से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) के साथ मेट्रो संचालन को जोड़ा जाएगा, ताकि सुरक्षा का पूरा पालन हो सके। ऊर्जा खपत में कमी के लिए ट्रेनों के दरवाजों में पुश बटन का प्रयोग किया गया है, जिसकी मदद से सिर्फ वही दरवाजे खुलेंगे, जहां पुश बटन को दबाया जाएगा। आपातकालीन निकास उपकरण, अग्निशामक यंत्र, अलार्म और टॉक-बैक सिस्टम जैसे सुरक्षा सिस्टम को एकीकृत किया गया है। आपातकालीन स्थिति में मेडिकल स्ट्रेचर ले जाने के लिए ट्रेन में जगह की व्यवस्था, व्हील चेयर के लिए भी स्थान होगा।
मेरठ मेट्रो के स्टेशन
मेरठ साउथ (एलिवेटेड), परतापुर (एलिवेटेड), रिठानी (एलिवेटेड), शताब्दीनगर (एलिवेटेड), ब्रह्मपुरी (एलिवेटेड), मेरठ सेंट्रल (भूमिगत), भैसाली (भूमिगत), बेगमपुल (भूमिगत), एमईएस कॉलोनी (एलिवेटेड), डोरली (एलिवेटेड), मेरठ नॉर्थ (एलिवेटेड), मोदीपुरम (एलिवेटेड), और मोदीपुरम डिपो (धरातल पर)। मेरठ में मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर आरआरटीएस के साथ मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी, जहां पर लोग अपनी सुविधानुसार आगे जाने के लिए अपनी ट्रेन बदल सकेंगे। अन्य स्टेशनों पर सिर्फ मेट्रो की सेवा होगी।