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विकास की बात: मेडा मेरठ में बनाएगा नई टाउनशिप, शासन से मिली मंजूरी, डेढ़ दशक बाद धरातल पर उतरेगी योजना

Wed, 22 Mar 2023 04:55 PM IST
Dimple Sirohi संकल्प रघुवंशी, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) तकरीबन डेढ दशक बाद नई टाउनशिप बनाएगा। इसके लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। हालांकि टाउनशिप कहां विकसित होगी, इस पर भूमाफियाओं के डर से अधिकारी अभी पत्ते नहीं खोल रहे हैं।
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आवासीय योजना - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आखिरकार मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) डेढ़ दशक बाद शहर में नई टाउनशिप बनाएगा। मेडा ने न्यू टाउनशिप के लिए ऑनलाइन सर्वे कराया था, जिसमें लोगों ने भरपूर उत्साह दिखाते हुए इसे जरूरी बताया था। इसपर मेडा उपाध्यक्ष ने शासन को प्रस्ताव भेजा, जिसको अब शासन ने मंजूरी दे दी है। इससे ऐसे तमाम शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी जो मेरठ में सरकारी संपत्ति खरीदने के इच्छुक हैं। मेडा ने महायोजना में शामिल किए गए सरधना, मवाना और हस्तिनापुर के विकास पर मंथन शुरू कर दिया है। 

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दिल्ली जाना होगा आसान
टाउनशिप कहां विकसित होगी, इस पर अफसर अभी पत्ते नहीं खोल रहे हैं। उनका कहना है कि अगर स्थान की घोषणा कर दी गई तो भूमाफिया सक्रिय हो जाएंगे। हालांकि माना जा रहा है कि ऐसे स्थान पर टाउनशिप विकसित होगी, जहां से दिल्ली की राह पकड़ना आसान होगा।

शासन की ओरिएंटेड ट्रांसपोर्ट डवलपमेंट (ओटीडी) नीति के तहत वेदव्यासपुरी और मोदीपुरम में स्पेशल डवलपमेंट जोन (एसडीए) विकसित होंगे। इसके डेढ़ किमी के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां होंगी और मिश्रित भू-उपयोग भी रहेगा।
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महायोजना में दोगुना हुआ क्षेत्रफल
मेडा की ओर से मेरठ महायोजना-2031 ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसके तहत आईं 582 सामान्य व ओटीडी के तहत 29 आपत्तियां आई थीं, इनका निस्तारण कर लिया गया है। मेरठ महायोजना-2021 जहां 500 वर्ग किमी क्षेत्रफल की थी, वहीं महायोजना-2031 में विस्तार के कारण यह 1043 वर्ग किमी की हो गई है। महायोजना में सरधना, मवाना, हस्तिनापुर और किठौर भी शामिल हो गए हैं। 300 से अधिक गांव शामिल हुए हैं। सरधना में ऐतिहासिक चर्च और ऐतिहासिक हस्तिनापुर में भी विकास योजनाएं लाने को मेडा में मंथन चल रहा है।

47 साल में 17 योजनाएं
प्राधिकरण का गठन तीन नवंबर 1976 को किया गया था। 47 साल में प्राधिकरण ने शहर में 17 कॉलोनियां ही विकसित कीं। इनमें आलोक विहार, पल्लवपुरम, श्रद्धापुरी, गंगानगर, लोहियानगर, शताब्दीनगर, वेदव्यासपुरी, विकास विहार, रक्षापुरम, मेजर ध्यानचंद नगर, सैनिक विहार, पांडवनगर, बेगमबाग, सूरजकुंड सौंदर्यीकरण, डिफेंस एन्क्लेव कॉलोनियां शामिल हैं। इनमें मेडा के 45 हजार के करीब आवंटी हैं। लोहियानगर व शताब्दीनगर को छोड़कर मेडा सभी कॉलोनियां नगर निगम को हस्तांतरण कर चुका है।
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