महायोजना में दोगुना हुआ क्षेत्रफल
मेडा की ओर से मेरठ महायोजना-2031 ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसके तहत आईं 582 सामान्य व ओटीडी के तहत 29 आपत्तियां आई थीं, इनका निस्तारण कर लिया गया है। मेरठ महायोजना-2021 जहां 500 वर्ग किमी क्षेत्रफल की थी, वहीं महायोजना-2031 में विस्तार के कारण यह 1043 वर्ग किमी की हो गई है। महायोजना में सरधना, मवाना, हस्तिनापुर और किठौर भी शामिल हो गए हैं। 300 से अधिक गांव शामिल हुए हैं। सरधना में ऐतिहासिक चर्च और ऐतिहासिक हस्तिनापुर में भी विकास योजनाएं लाने को मेडा में मंथन चल रहा है।
47 साल में 17 योजनाएं
प्राधिकरण का गठन तीन नवंबर 1976 को किया गया था। 47 साल में प्राधिकरण ने शहर में 17 कॉलोनियां ही विकसित कीं। इनमें आलोक विहार, पल्लवपुरम, श्रद्धापुरी, गंगानगर, लोहियानगर, शताब्दीनगर, वेदव्यासपुरी, विकास विहार, रक्षापुरम, मेजर ध्यानचंद नगर, सैनिक विहार, पांडवनगर, बेगमबाग, सूरजकुंड सौंदर्यीकरण, डिफेंस एन्क्लेव कॉलोनियां शामिल हैं। इनमें मेडा के 45 हजार के करीब आवंटी हैं। लोहियानगर व शताब्दीनगर को छोड़कर मेडा सभी कॉलोनियां नगर निगम को हस्तांतरण कर चुका है।