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बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की फैक्टरी में रखे 200 करोड़ के मीट पर रार

Thu, 14 Feb 2019 01:58 AM IST
HARI om sharan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी
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पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी अल फहीम पर भले ही सील लग गई हो, लेकिन फैक्टरी में करीब दो सौ करोड़ का मीट रखा है। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि इस मीट को पहले ही निकाल लेना चाहिए था।फैक्टरी संचालक को नोटिस भी जारी किया गया था। वहीं संचालकों का कहना है कि कोई नोटिस नहीं मिला। रखा हुआ मीट तो निकाला ही जाएगा।
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याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी को एमडीए की टीम, सिटी मजिस्ट्रेट एवं कई थानों की पुलिस ने मंगलवार को सील किया था। हालांकि आरोप यह लग रहे हैं जितनी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी उतनी नहीं हुई। कुछ हिस्से को ही सील किया गया। हालांकि एमडीए टीम ने फैक्टरी में उत्पादन क्षेत्र पर सील लगा दी। अब कटान और मशीनें पूरी तरह बंद रहेंगी। एमडीए अफसरों का कहना है कि फैक्टरी के भीतर न पशु जाएंगे और न ही मीट बाहर आएगा। यदि ऐसा होता पाया गया तो कार्रवाई होगी। 
कोल्ड स्टोर में पड़ा 150 ट्रक मीट
भले ही उत्पादन क्षेत्र पर सील लगी हो, लेकिन फैक्टरी के कोल्ड स्टोर पर सील नहीं लगी है। स्टोर में लगभग 150 ट्रक मीट संरक्षित किया गया है, जिसे दूसरे देशों में भेजा जाना है। इसकी कीमत करीब दो सौ करोड़ रुपये है। जोनल प्रभारी मनोज सिंह का कहना है कि कार्रवाई से पूर्व ही एमडीए ने फैक्टरी संचालक को नोटिस जारी कर दिया था कि 12 फरवरी को फैक्टरी सील होगी। इससे पूर्व ही यहां रखा मीट निकाल लिया जाए। उसके बाद कुछ नहीं निकाल सकेंगे। अब यदि फैक्टरी से बिना अनुमति मीट बाहर भेजा तो कार्रवाई होगा।
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कारोबार का लगेगा तगड़ा फटका
केवल अलफहीम मीट फैक्टरी ही करीब एक हजार करोड़ रुपये का मीट कारोबार हर साल करती है। इसके अलावा अलसाकिब, तान्या आदि फैक्टरियां भी मांस निर्यात करती हैं। ढाई तीन हजार करोड़ रुपये के मीट का कारोबार यहां से होता है। जो कि 15 देशों में भेजा जाता है। अलफहीम बंद हो गई और तान्या के मानचित्र की शमन फाइल निरस्त हो गई है। ऐसे में यहां कारोबार को तगड़ा फटका लगेगा।
हमें कोई नोटिस नहीं मिला
कोल्ड स्टोर में रखे माल को तो निकालना ही होगा। एमडीए अधिकारियों ने हमें ऐसा कोई नोटिस नहीं दिया। सही बताएं तो कार्रवाई की सूचना भी मीडिया से ही मिली। इस मीट को नहीं निकालेंगे तो लगभग 200 करोड़ का माल खराब हो जाएगा। -हाजी इमरान कुरैशी, निदेशक अलफहीम मीटेक्स
कार्रवाई तो पहले ही तय थी
जब पहले कार्रवाई हुई थी तब भी स्टोर में रखे मीट को निकालने के लिए मंजूरी ली गई थी। इस बार तो पहले ही कार्रवाई प्रस्तावित थी। ऐसे में पहले ही फैक्टरी को खाली करना चाहिए था। नोटिस भी दिया था। अब बिना मंजूरी के फैक्टरी में कुछ नहीं होगा। -साहब सिंह, वीसी एमडीए
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