एक्सप्रेस-वे पर भविष्य का दांव
एमडीए की निगाह अब एक्सप्रेस-वे पर है। दिल्ली से मेरठ के बीच एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा करने के लिए मार्च 2019 तक का लक्ष्य तय कर दिया गया है। इसके आसपास एमडीए आवासीय क्षेत्र विकसित कर सकता है। सारा दारोमदार संभावनाओं पर टिका है। सर्वे में सकारात्मक रिपोर्ट आई तो एमडीए 2019 में यहां कालोनी विकसित करने की प्लानिंग कर सकता है। पहला फोकस आवासीय योजनाओं पर रही रहेगा।
मुआवजा के बजाए समझौता
नई योजनाओं में जमीन अधिग्रहण के लिए एमडीए को सबसे ज्यादा मुआवजा दर को लेकर मशक्कत करनी पड़ रही है। नई भू अधिग्रहण नीति के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट का चार गुना तथा शहरी क्षेत्र में दोगुना मुआवजे का प्रावधान है, जो कई जगह एमडीए को काफी महंगा लगता है और इसी कारण एमडीए का जोर समझौते पर है। किसानों से समझौता कर रेट तय कर लिए जाएं और उसी के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। नई योजनाओं में भी इसी को प्राथमिकता देने की मंशा है।