इसके बाद टीम एसडीए मवाना ऋषिराज के पास तहसील पहुंची। यहां से तहसीलदार और सीओ यूएन मिश्र द्वारा उक्त दस्तावेजों के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की गहनता से जांच की गई, लेकिन तहसील में भी रिकॉर्ड नहीं मिला।
सीबीआई टीम एसडीएम और सीओ के साथ दोपहर 2 बजे फिर से नगर पंचायत हस्तिनापुर पहुंची। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्र के साथ उन्होंने पता जानने की कोशिश की। कई घंटे के मशक्कत के बाद भी रिकार्ड नहीं मिला सका।
टीम के अधिकारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने अपना पता और संपत्ति हस्तिनापुर के साथ-साथ बिजनौर में भी दर्शाई है। वही संदिग्ध व्यक्ति का कनेक्शन इंचौली थाना क्षेत्र के बहचौला गांव से भी है। टीम ने वहां जाकर भी जांच की।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने बिजनौर में भी संपत्ति दर्शाकर बैंक को चूना लगाया है। वहीं इस मामले में अधिक जानकारी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन सभी ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।