मेरठ लखनऊ रूट पर नई वंदे भारत ट्रेन तो जरूर मिल गई मगर ट्रेन को यात्री अभी पर्याप्त नहीं मिल रहे हैं। वंदे भारत की क्षमता 530 यात्रियों की है, जिसमें 478 सीट एसी चेयर कार की और 52 एग्जिक्यूटिव की है। मगर अभी तक ट्रेन में 250 यात्री भी सफर नहीं कर सके हैं। मेरठ से लखनऊ और लखनऊ से मेरठ अभी तक प्रतिदिन का हिसाब 200 से 230 यात्री ही आ रहा है।
पहले दिन रविवार को 211 यात्रियों ने वंदे भारत में सफर किया। सोमवार को मेरठ से वंदे भारत गई उसमें भी यात्रियों की संख्या 233 रही। मंगलवार को मेरठ आई वंदे भारत में केवल 205 यात्रियों ने सफर किया।
बुधवार सुबह लखनऊ गई वंदे भारत के लिए मंगलवार देर रात तक एसी चेयर कार के 163 और एग्जिक्यूटिव सीट के 26 टिकट ही बुक हुए थे। गुरुवार सुबह जाने वाली वंदे भारत के लिए एग्जिक्यूटिव सीट के लिए 21 और एसी चेयर कार के 160 टिकट ही बुक हुए हैं।
वंदे भारत में यात्रियों का अधिक सफर ना करने का कारण इसका बेतहाशा किराया और इसके दोनों ओर से इसके कुछ समय बाद ही राज्य रानी एक्सप्रेस का चलना माना जा रहा है।
वंदे भारत में एसी चेयर कर का टिकट लखनऊ तक 1355 रुपए है, जबकि राज्य रानी का टिकट 645 है राज्यरानी में थर्ड एसी का टिकट 790 और सेकंड एसी का टिकट 1100 रुपए का है जबकि वंदे भारत में एग्जीक्यूटिव क्लास का टिकट 2415 रुपए है। इसके अलावा वंदे भारत और राज्यरानी में लखनऊ और मेरठ पहुंचने में केवल डेढ़ घंटे का अंतर है। इस कारण भी लोग वंदे भारत में यात्रा करने से बच रहे हैं।
हापुड़ में स्टॉपेज करने की मांग
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मेरठ लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का हापुड़ में भी ठहराव कराने की मांग की है। रेल मंत्री को भेजे पत्र में विनीत अग्रवाल शारदा ने अवगत कराया कि हापुड़ भी व्यापारी दृष्टिकोण से बड़ा केंद्र है इसलिए इसका ठहराव हापुड़ में होना चाहिए उन्होंने इसे अयोध्या बनारस तक चलवाने की मांग की है।