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Meerut: कचहरी में वकीलों ने चेंबर के अंदर खुद को किया बंद, फंदे बनाकर दी लटकने की धमकी, जानें पूरा मामला

Fri, 02 Jan 2026 12:10 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

कचहरी में धर्मशाला बिल्डिंग में स्थित खाली जगह पर कुछ वकील अपना बस्ता लगाकर बैठने लगे थे। शीतकालीन अवकाश के बाद कचहरी खुली तो पता चला कि इन वकीलों ने यहां लोहे के गेट लगाकर चेंबर बना लिए। इन वकीलों को नोटिस जारी किए गए हैं। 
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चेंबर के अंदर बंद वकील और मौजूद पुलिस व अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कचहरी में कुछ वकीलों द्वारा न्यायालय के गेट के बाहर खाली जमीन पर कब्जा कर चेंबर बनाने को लेकर नए साल के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को दिनभर हंगामा चलता रहा। चेंबर बनाने वाले अधिवक्ताओं ने पुलिस के आने पर खुद को चेंबर में ही कैद कर लिया और वहां फंदे भी लटका दिए। उन्होंने कहा कि यदि जबरन बाहर निकाला गया तो वे इन फंदों पर लटक जाएंगे। फिलहाल वकीलों को 24 घंटे में जगह खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं।
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चेंबर के बाहर मौजूद वकील और पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
कचहरी में धर्मशाला बिल्डिंग में करीब पांच साल पूर्व न्यायालय संचालित होते थे। इनकी हालत जर्जर होने की वजह से अभी यह जगह खाली पड़ी थी। इसके बाहर रास्ते पर कुछ अधिवक्ताओं ने कब्जा कर उस पर चेंबर बना लिया। 
 

शीतकालीन अवकाश के बाद बृहस्पतिवार सुबह कचहरी खुली तो लोगों ने देखा कि कुछ अधिवक्ताओं ने लोहे के जाल का गेट लगाकर चेंबर का निर्माण कर लिया है। इस चेंबर पर ठाकुर उमेश चौहान, संजीव कुमार शुक्ला, सुनील शर्मा, चंद्रभान, चौधरी सैफ, सुशीला लोधी, फरहीन खान, सानिया खान के नाम का बोर्ड लगा था।
 

थोड़ी ही देर में इसकी चर्चा तेजी से फैली तो काफी भीड़ जमा हो गई। सूचना पाते ही नजारत इंचार्ज एवं जिला जजी के नाजिर द्वारा मौके पर भारी पुलिस बल भेजा गया लेकिन कुछ अधिवक्ताओं ने चेंबर अंदर से बंद कर लिया। मौके पर मौजूद सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने अधिवक्ताओं को समझाया कि वे इस जगह को कब्जा मुक्त कर दें। 

अधिवक्ताओं ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद नजारत इंचार्ज द्वारा कब्जा करने वाले सभी अधिवक्ताओं के खिलाफ नोटिस जारी किया। इसमें 24 घंटे के अंदर जगह कब्जा मुक्त करने के लिए कहा गया। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में अधिवक्ता संजीव कुमार शुक्ला ने कहा कि उन्होंने 2019 में वकालत कर ली थी और वर्ष 2025 में उनका लाइसेंस उत्तर प्रदेश बार काउंसिल से प्राप्त हो गया है। कई बार नाजिर से जगह की मांग की लेकिन कहा गया कि जिला स्तर से चेंबर आवंटन नहीं किया जा सकता है। 
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इसके बाद हमें यहां जगह दिखी और हमने चेंबर का निर्माण कर लिया। नोटिस भेजे जाने का तथ्य हमारे संज्ञान में आया है लेकिन हमें नोटिस प्राप्त नहीं हुआ। पुलिस ने उन्हें डराया और धमकाया है। इस कारण उन्होंने अपने साथ अंदर फंदा भी रखा।

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