मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) 2016 का मंगलवार का रिजल्ट घोषित हो गया। मेरठ के दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है। प्रियज मिश्रा ने ऑल इंडिया 17वीं रैंक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। सोनिका बंसल की 95वीं रैंक आई है। चित्रांगना ने 12वीं के साथ पहले ही प्रयास में 126 रैंक हासिल कर अपने डॉक्टर बनने का सपना हकीकत बना दिया।
मोटीवेशन और एक साल की मेहनत लाई रंग
प्रियज मिश्रा की एक साल की मेहनत, माता-पिता और शिक्षकों का मोटीवेशन आखिर कामयाब हुआ। ब्रेक का गम ऑल इंडिया में 17वी जनरल रैंक के साथ दूर हो गया। प्रियज के पिता राम राजीव एलएलआरएम कॉलेज में रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर हैं। मां डॉ. प्रीति मिश्रा शिक्षक हैं। प्रिंयज ने 2015 में सेंट मैरीज से 90 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की। 10वीं में 96.8 प्रतिशत नंबर थे। प्रियज का कहना है माता-पिता और शिक्षक अंकुर दत्त के मोटीवेशन की वजह से बिना थके लगे रहे। एक साल ब्रेक लेने का फैसला किया। तैयारी घंटे तय करके नहीं बल्कि टारगेट बेस की। रोजाना का टारगेट तय कर, उसे पूरा किया। प्रियज का कहना है सफलता के लिए बिना थके स्ट्रैटेजी के साथ लगे रहना जरूरी है। वह दिल्ली के मौलाना मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहते हैं। शौक में फुटबाल और ऑनलाइन गेम्स खेलना है।
सोनिका बदलेंगी कॉलेज
बागपत रोड निवासी सोनिका बंसल का जोधपुर एम्स में एडमिशन हो चुका है। माता-पिता प्रदीप बंसल और स्वाति बंसल डॉक्टर हैं। इनका आशीर्वाद हॉस्पिटल है। एम्स की पहली काउंसिलिंग में सोनिका का एम्स जोधपुर में एडमिशन हो गया था। नीट में सोनिका की 95वीं जनरल रैंक आई है। सोनिका मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना चाहती हैं। सोनिका का कहना है उनकी रैंक अच्छी आई है। वह अब अपना कॉलेज चेंज करेंगी। सोनिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के अलावा शिक्षक करमवीर सिंहल को दिया।
चित्रांगना ने बोर्ड के साथ मारी बाजी
असोड़ा हाउस निवासी चित्रांगना चौधरी पुत्री भानु प्रताप सिंह बोर्ड एग्जाम के साथ नीट में बाजी मारी है। ऑल इंडिया में 126वीं जनरल रैंक हासिल की। गर्ल्स कोटे में 114वीं रैंक है। चित्रांगना ने 12वीं में 90.20 प्रतिशत अंक हासिल किए। एम्स में 628 रैंक थी। दूसरी काउंसिलिंग का इंतजार है। छोटा भाई पार्थ चौधरी है। वह 10वीं का छात्र है। मां शर्मिला सिंह गृहणी हैं। दादा कृपाल सिंह डीजीसी क्रिमिनल रहे हैं। ताऊ अजीत सिंह हाथरस में जिला जज हैं। चित्रांगना सिंह का कहना है बोर्ड और नीट का सिलेबस लगभग समान था। बेहतर तैयारी से दोनों में अच्छी परफोरमेंस रही। तालमेल बनाकर तैयारी की।
डॉक्टर्स के बच्चे भी हुए सफल
नीट में सफल होने वाले अभ्यर्थियों में करीब एक दर्जन डॉक्टर्स के बच्चे हैं। इनके अलावा व्यापारी, सरकारी नौकरी और शिक्षकों के बच्चे भी सफल हुए हैं। शहर के आई स्पेशलिस्ट डॉ. रूप की बेटी ख्याति रूप ने 1942 रैंक हासिल की है। अंशुक शुक्ला 251, अभिषेक गुप्ता 512, कुनाल सेठ 1133, अनुजा 1243, दिव्यांश वार्षेण्य 1313 रैंक आई है। इनके अलावा सफल होने वालों में हर्षित गर्ग, आदित्य वत्स, कोपल गोयल, ऐश्वर्य नेहरा, जलज दुदेवा, साक्षी शुक्ला, सिद्धार्थ तालियान, चरम बत्रा, आस्था शर्मा, अंकिता चक्रवर्ती, सृष्टि सैनी, नीतिश कुमार, आशुतोष कुमार, ईशा कंवल, वैशाली पाल, पारु गौतम शामिल है।