शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
पीड़ित ठेकेदार ने दो दिन पहले एंटी करप्शन विभाग से शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार को शिकायतकर्ता निर्धारित योजना के तहत रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर ने सीधे पैसे लेने के बजाय अपने चालक नीरज को रकम लेने के लिए भेजा।
चालक को रंगे हाथ पकड़ा
जैसे ही शिकायतकर्ता ने चालक को एक लाख रुपये दिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में चालक की निशानदेही पर टीम जूनियर इंजीनियर के पास पहुंची। अधिकारियों के अनुसार टीम को देखकर जूनियर इंजीनियर वहां से भागने का प्रयास करने लगा।
भागते हुए पकड़ा गया जूनियर इंजीनियर
एंटी करप्शन टीम ने पीछा कर करीब सौ मीटर की दूरी पर जूनियर इंजीनियर को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।