सर्किट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक
न्यायिक आयोग की बैठक में मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जज सुधांशु धूलिया हैं। उनके साथ नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद भी मौजूद हैं। बैठक में अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों पर चर्चा की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित हुआ आयोग
उलदेपुर में अवैध कॉलोनियों के मामले में 21 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण को ध्वस्तीकरण संबंधी निर्देश दिए थे। साथ ही मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया गया था। आयोग का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों और निर्माण से जुड़े मामले की पड़ताल करना है।
आयोग की कार्रवाई के लिए 35 लाख रुपये जमा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मेडा ने आयोग की कार्यवाही के लिए कोषागार में 35 लाख रुपये की धनराशि जमा कराई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्राधिकरण की कार्रवाई और जांच से जुड़े पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।
उलदेपुर की कॉलोनियों का स्थलीय निरीक्षण
सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आयोग उलदेपुर पहुंचा। यहां अवैध कॉलोनियों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया जाना है। जांच के दौरान संबंधित निर्माणों और प्राधिकरण की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
अन्य अवैध निर्माणों का ब्योरा भी हो सकता है तलब
मेडा उलदेपुर के अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। आयोग जनपद में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों से संबंधित रिकॉर्ड भी देख सकता है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों के संबंध में आयोग की ओर से क्या निर्देश दिए गए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मेडा सचिव बृजेश सिंह ने पहले कहा था कि उन्हें आयोग के दौरे की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। अब आयोग के मेरठ पहुंचने और उलदेपुर के निरीक्षण के बाद मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।