दोपहर को बजी थी डोरबैल
पीसीएस अधिकारी बलराम सिंह संयुक्त विकास आयुक्त के पद पर बस्ती जनपद में तैनात हैं। उनकी पत्नी पुष्पा और बेटा निशित तक्षशिला काॅलोनी में रहते हैं। मंगलवार दोपहर 2:10 बजे उनके घर की डोरबैल बजी। पुष्पा देवी गेट खोलने के लिए पहुंची, तो दो बदमाशोंं ने खुद को डिलीवरी बॉय बताते हुए एक लिफाफा पुष्पा को सौंंपा। लिफाफे पर पुष्पा और उनके बेटे निशित का नाम लिखा हुआ था।
इसके बाद दोनोंं बदमाशोंं ने अंदर चलकर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। बदमाश भी घर के अंदर दाखिल हो गए। बदमाशोंं ने पुष्पा देवी को बंधक बनाने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाश उन्हें बाल पकड़कर घसीटते हुए बाथरूम में ले जाने लगे। तभी पुष्पा देवी बदमाशोंं से भिड़ गईं।
बेटे ने कमरा अंदर से बंद कर खुद को किया सुरक्षित
एक बदमाश को उन्होंंने दोनोंं हाथोंं से पकड़कर शोर मचाया। तब दूसरे कमरे में माैजूद निशित को बदमाश आने की जानकारी हुई और उसने पिता और पुलिस को कॉल कर दी। इधर, पुष्पा के एक बदमाश को पकड़ने पर दूसरे बदमाश ने उनके सिर पर पिस्टल की बट से हमला कर दिया।
वह घायल हो गईं। उनकी चूड़ियां चटक गईं। हाथ जख्मी हो गया। इसके बाद महिला एक कमरे में चली गई। निशित दूसरे कमरे में चला गया। दोनों ने अंदर कुंडी लगा ली। बदमाश नाकाम होकर भाग गए। निशित ने पुलिस को सूचना दी।
दोनों बदमाशोंं को पुष्पा और बेटे निशित का नाम पता था। उन्होंने लिफाफे पर भी नाम लिखा था। ऐसे में पुलिस मानकर चल रही है कि कोई परिचित ने घटना कराई है।
शोर मचाया, मदद के लिए कोई नहीं आया
पुष्पा देवी ने बताया कि पुष्पा देवी ने पुलिस को बताया कि दस मिनट तक बदमाशोंं ने पिस्टल दिखाकर आतंकित किया। घटना के दौरान उन्होंंने और बेटे ने शोर भी मचाया, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। बेटे ने यूपी 112 और पिता को काॅल किया। इसके बाद पुलिस पहुंची और जानकारी की। पड़ोस और सामने रहने वाला कोई मौके पर नहीं आया।
सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं निशित
निशित ने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। वह सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भी हैं। कुछ दिन पहले ऑनलाइन किताबें बुक की थीं। सुबह 11 बजे डिलीवरी बॉय पहुंचा। इसके बाद दो बजकर दस मिनट पर बदमाश आए और घर में घुसकर लूटपाट की कोशिश की। बिना नकाब और हेलमेट के बदमाश आए थे। पुलिस किताब लेकर आने वाले ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय से भी इस मामले में पूछताछ कर रही है।
ये रखें सावधानियां...
-डिलीवरी बॉय की पड़ताल करने के बाद ही उससे बात करें, घर के अंदर न आनें दें।
-काॅलोनी के सभी गेट पर सिक्योरिटी गार्ड और सीसीटीवी जरूर होना चाहिए।
-काॅलोनी में आने-जाने वाले लोगों की एंट्री और मोबाइल नंबर समेत होनी चाहिए।
-काॅलोनी के लोगों को एक सायरन भी पूरी कालोनी में लगाना चाहिए।
-अनजान आदमी के कहने पर पहले दरवाजा न खोलें, गेट बंद के दाैरान ही व्यक्ति के बारे में पूरी तस्दीक कर लें।
-काॅलोनी में संदिग्ध या गलत गतिविधियां दिखने पर स्थानीय थाना पुलिस को या डाॅयल 112 को सूचित करें।