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रेड जोन मेरठ में छह हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों की नो एंट्री, प्रशासन ने खड़े किए हाथ

Wed, 20 May 2020 09:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा से आने वाले प्रदेश के छह हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों की आज एंट्री मेरठ में नहीं होगी। रेड जोन के चलते जिला प्रशासन ने इतने श्रमिकों को अपने यहां उतारने से हाथ खड़े कर दिए हैं। शासन से बातचीत के बाद मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी ने रोडवेज अधिकारियों को कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी दी। इसके बाद रोडवेज अधिकारियों ने बुलाए गए बस स्टाफ को घर वापस भेज दिया।
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कोरोना के चलते लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाया जा रहा है। इस क्रम में हरियाणा में फंसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब 6000 से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को हरियाणा रोडवेज द्वारा बुधवार को मेरठ लेकर आना था। इसके लिए जिला प्रशासन और रोडवेज अधिकारी पिछले दो दिन से व्यवस्था में जुटे थे।

जिलाधिकारी ने हरियाणा से आए श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज को 200 बसें रिजर्व रखने के निर्देश दिए थे। लेकिन इतनी बसों और 6000 से ज्यादा श्रमिकों को उतारने और उनका मेडिकल परीक्षण कराकर भेजने के लिए स्थान तय नहीं हो सका था।
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जिला प्रशासन ने रोडवेज द्वारा सुझाए गए भैसाली मैदान और विक्टोरिया पार्क के लिए मना करते हुए शहर से बाहर कोई स्थान तय करने की बात कही थी। शाम को नेशनल हाइवे स्थित संस्कृति रिजॉर्ट पर सहमति बनी, लेकिन जिला प्रशासन ने जिले के रेड जोन में शामिल होने की बात कही, जिसके चलते यहां श्रमिकों को नहीं भिजवाने की अपील शासन ने मान ली।

जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और रोडवेज एमडी डॉक्टर राजशेखर के बीच हुई बातचीत के बाद श्रमिकों की आमद का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। डीएम ने कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी रोडवेज अधिकारियों को दी। इसके बाद रोडवेज अधिकारियों ने बुलाए गए बस स्टाफ को घर भेज दिया।

आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि हरियाणा से आने वाले श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज ने जिलाधिकारी के निर्देश पर मांगी गई बसों की व्यवस्था कर ली थी। बस संचालन के लिए स्टाफ भी बुला लिया गया था। देर शाम जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों को वापस भेज दिया गया।

कार्यक्रम रद्द होने पर अधिकारियों ने ली राहत की सांस
हरियाणा से इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के आने और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज अधिकारियों और कर्मियों की सांसें फूली हुई थी। पिछले दो दिन से अधिकारी जिला प्रशासन के साथ लगातार मीटिंग करके ना केवल बसों की व्यवस्था में जुटे थे, बल्कि श्रमिकों को उतारने और वहां से घर भेजने के लिए स्थान तय करने में भी कड़ी मशक्कत कर रहे थे। लेकिन मंगलवार देर शाम कार्यक्रम रद्द होने की सूचना पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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