आरोपी की जगह पड़ोसी युवक को हिरासत में लेने पर उसकी मां को ऐसा सदमा लगा कि उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा कर दिया। काफी देर चले हंगामे के बाद भावनपुर पुलिस लौट गई।
भावनपुर निवासी हमीद के खिलाफ मवाना थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। मवाना पुलिस हमीद की तलाश में दबिश दे रही है। मंगलवार रात को हमीद की जगह पड़ोसी इमरान को हिरासत में ले लिया। इमरान ने अपना नाम बताया और कहा कि वह हमीद नहीं है, लेकिन दरोगा ने एक नहीं सुनी और गालीगलौज करनी शुरू कर दी। शोर सुनकर इमरान की मां सबीला (55) बाहर निकल आई। पुलिस हिरासत में बेटे इमरान को देख वह पीछे दौड़ी। तभी अचानक सबीला की हालत बिगड़ गई। लोग सबीला को उठाकर पास ही डाक्टर के क्लीनिक पर ले गए, जहां से गंभीर हालत बताते हुए अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
इसी दौरान प्रधान रुस्तम भी पहुंच गए। उन्होंने दरोगा को सबीला की हालत बिगड़ने की जानकारी दी तो वह इमरान को छोड़कर उल्टे पांव लौट गए। इमरान अपनी मां को अस्पताल के लिए लेकर दौड़ा, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। लोगों ने हंगामा करते हुए आरोपी दरोगा पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर भावनपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया।
इमरान ने बताया कि हमीद का लेनदेन का विवाद चल रहा है। उसी मामले में नईम व नजर मोहम्मद पुत्रगण खुरशेद निवासी बहादरपुर परीक्षितगढ़ दरोगा व एक सिपाही को लेकर आये थे। एसपी देहात डा. राकेश कुमार मिश्र का कहना है कि पुलिस शाम को दबिश देने पहुंची थी लेकिन मौत रात को हुई है। पुलिसकर्मियों की दबिश से कोई मौत नहीं हुई है।
पुलिस ने इमरान पर दबाव बनाकर दूसरी तहरीर लिखवाई
इमरान की तहरीर पर नईम, नजर मोहम्मद निवासी बहादुरपुर परीक्षितगढ़ और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इमरान ने दूसरी तहरीर में बताया कि नईम और नजर मोहम्मद दो अज्ञात लोगों के साथ मेरे घर पर आए और हमीद के बारे में पूछा कि वह कहां है तो मैंने कहा मुझे मालूम नहीं है। इसी बात पर नईम व नजर आगबबूला हो गए और गाली गलौज करते हुए धमकी देने लगे। जिसे सुनकर मां सबीला घबरा गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। पहली तहरीर में दरोगा के खिलाफ भी आरोप लगाया गया था।