जागृति विहार निवासी कपड़ा व्यापारी जगानंद ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि एक काम के लिए लिपिक परमीत कुमार 15 हजार रुपये मांग रहा था। इसके बाद जाल बिछाकर लिपिक को केमिकल लगे नोट दिए गए। नोट पकड़ते ही टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एंटी करप्शन की टीम ने आवास विकास परिषद् कार्यालय से जागृति विहार एक्सटेंशन योजना संख्या 11 का कार्य देख रहे कनिष्ठ लिपिक परमीत कुमार को एक आवंटी से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान आवास विकास परिषद के कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने आरोपी लिपिक को थाना नौचंदी पुलिस को सौंप दिया। इसके खिलाफ टीम लीडर इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने भ्रष्टाचार की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब से पहले भी एक लिपिक रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
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थाना एंटी करप्शन प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि कपड़ा व्यापारी जगानंद निवासी जागृति विहार को जागृति विहार एक्सटेंशन योजना संख्या 11 में एक फ्लैट आवंटित हुआ था। जिसकी समय पर किस्त जमा नहीं की गई थी। आवास विकास की योजना के मुताबिक आवंटी को भवन को पुनर्जीवित कराकर कब्जा दिलाने की भी व्यवस्था है। इसके एवज में लिपिक परमीत कुमार 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
ऐसी बनाई योजना
पीड़ित कपड़ा व्यापार जगानंद ने 19 मई को एंटी करप्शन थाने में सोमदत्त सिटी निवासी लिपिक परमीत कुमार की शिकायत की। एंटी करप्शन के प्रभारी दुर्गेश कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत कराया। डीएम के आदेश पर दो प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किए गए। एंटी करप्शन थाने की इंस्पेक्टर अर्चना के नेतृत्व में 16 सदस्यों की टीम गठित की। दोनों प्रशासनिक अधिकारी भी टीम में गवाह के रूप में शामिल गए।
बुधवार दोपहर 12.30 बजे टीम आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंची। भ्रष्टाचारी को पकड़ने का जाल बिछाया गया। जगानंद का विशेष पाउडर लगे 15 हजार रुपये दिए। जगानंद ने फोन पर लिपिक परमीत कुमार से मिलने की बात कही। उसने कहा कि वो अभी रजिस्ट्री कार्यालय में है। लगभग 3.40 बजे परमीत अपने केबिन में पहुंचा और जगानंद से रिश्वत के 15 हजार रुपये लिए। उसी समय टीम ने इसको गिरफ्तार कर लिया।
कार्यालय में ही सभी के सामने टीम ने हाथ धुलाने की प्रक्रिया की। बाद में उसे नौचंदी थाने लाया गया। वहां उसे पुलिस को हवाले कर इंस्पेक्टर अर्चना की ओर से उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस संबंध में आवास विकास परिषद के संपत्ति अधिकारी सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली जाएगी। जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। विभाग को रिपोर्ट भेज कर आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।