गर्मी सेहत पर वार करने लगी है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की कतारें लग रही हैं। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और पीएल शर्मा जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को जहां 5089 मरीज आए। वहीं मंगलवार सुबह से ही ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लग गई। सामान्यत: दोनों अस्पतालों में साढ़े तीन से चार हजार मरीज आ रहे थे, लेकिन फिर से तापमान बढ़ने के कारण खांसी-जुकाम, बुखार, डायरिया, त्वचा, नाक-कान-गला और आंखों के रोगी बढ़े हैं।
अमूमन मई में तापमान ज्यादा रहता है, लेकिन इस बार कई बार बारिश होने से तापमान पिछले सालों के मुकाबले काफी रहा। मई में मार्च जैसा तापमान रहा, लेकिन पिछले पांच-छह दिन से तापमान में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब गर्मी अपना प्रकोप दिखाने लगी है।
तेज धूप के साथ हवाएं चल रही हैं। मौसम का यह बदलाव सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। इस असर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की कतार के तौर पर भी नजर आ रहा है। सोमवार को दोनों अस्पतालों की ओपीडी में 5089 मरीज पहुंचे। इनमें मेडिकल में 3494 और जिला अस्पताल में 1595 मरीज पहुंचे।
कहां पहुंचे कितने मरीज
विभाग मरीज
मेडिसिन 1173
ईएनटी 610
नेत्र रोग 511
हड्डी रोग 470
त्वचा रोग 421
अन्य रोग 1904
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ये रखें ध्यान
-सोते समय मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
-दिन में धूप में हल्के कपड़े पहने ताकि पसीना न आए।
-घर से निकलें तो अपने सिर पर छतरी, टोपी या गमछे से ढक लें।
-शरीर में पानी की कमी न होने दें।
-कहीं जाते समय पानी साथ ले जाना न भूलें।
-पानी की अधिक मात्रा वाले सब्जी-फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, खीरा और अनानास खाएं।
शरीर का तापमान कम करने के लिए शरीर, गर्दन, सिर और पेट पर ठंडे पानी से गीला किया कपड़ा रखें। व्यक्ति को ओआरएस का घोल, छाछ या शर्बत पिलाएं। अगर आराम न मिले तो चिकित्सक को दिखाएं। अस्पताल में पहले से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब पानी पिएं, क्योंकि गर्मी में पसीना बहुत निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे हीट स्ट्रोक या लू लगने की आशंका होती है। शीतल तेय पदार्थ भी थोड़ी-थोड़ी देर में ले सकते हैं। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज