पढ़ाई के मामले में यह कॉलेज हमेशा उच्च पायदान पर रहा है। मौजूदा समय में करीब तीन हजार छात्राएं स्कूल में पढ़ती हैं, जो शहर के अन्य कॉलेजों के मुकाबले काफी अधिक है।
प्राधानाचार्य राजनी रानी शंखधर का कहना है कि इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। आसपास कई अन्य कॉलेज हैं, जब तक दूसरे कॉलेज की छुट्टी होती है तब तक छात्राएं अपने घर पहुंच जाती हैं।
सुबह का समय भी आधा घंटा पहले का ही शेड्यूल बनाया गया है। यदि दूसरे कॉलेजों के मुताबिक ही समय रखा जाए तो अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और ऐसी परिस्थिति में छेड़छाड़ की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
पिछले दिनों एसएसपी के सामने भी कॉलेज की छात्राओं ने यह समस्या उठाई थी लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कई छात्राएं कॉलेज जाने से भी कतराती हैं।
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हर रोज प्रार्थना में छात्राओं को दिया जाता हैं संदेश
छात्राओं को हर रोज जागरूक किया जाता है। कॉलेज में प्रार्थना सभा के दौरान छात्राओं को बताया जाता हे कि यदि रास्ते में उन पर कोई भद्दा कमेंट करता है या अन्य हरकत करता है तो बहस करने की बजाय वाहन का नंबर नोट कर ले और कॉलेज में बता दें, जिससे कॉलेज प्रबंधन उसकी शिकायत पुलिस से कर सके।
यहां होनी चाहिए पुलिस की तैनाती
प्रधानाचार्य का कहना है कि कॉलेज के आसपास तीन स्थान ऐसे हैं कि जहां पर सुबह और छुट्टी के समय पुलिस की तैनाती जरूरी है। इसमें लाल बुक डिपो के पास, बच्चा पार्क और शिव चौक शामिल हैं। इन स्थानों तक छात्राओं की काफी भीड़ रहती है।
मनचलों पर करेंगे कार्रवाई
कॉलेजों के खुलने और बंद होने के समय एंटी रोमियों स्कवायड आसपास ही रहती है, फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के वाहन को भी कॉलेजों के पास लगाया जाएगा।