माल की कीमत से ज्यादा हुआ भाड़ा
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष गौरव शर्मा के अनुसार कंस्ट्रक्शन में रोड़ी, डस्ट, बजरपुर का कारोबार करने वालों के लिए 50 टन माल से भरे ट्रक की कीमत सहारनपुर से मेरठ 60 हजार रुपये होती थी। इसमें ट्रक में भरे माल की वास्विक कीमत 30 हजार और भाड़ा 30 हजार था। ऐसे में कुल कीमत 60 हजार कीमत पहुंचती थी। डीजल की कीमत बढ़ने के बाद अब भाड़ा 5 हजार रुपये बढ़ गया है। ऐसे में 50 टन माॅल 30 हजार रुपये का है। इसे सहारनपुर से मेरठ लाने 35 हजार भाड़ा लगेगा। अब गाड़ी 65 हजार में मेरठ आएगी।
वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है, लेकिन तेल महंगा होने से रोजमर्रा का खर्च बढ़ जाएगा। अब ऑनलाइन सामान मंगाने पर भी ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। -सत्यम, निवासी देवपुरी
बढ़ती महंगाई ने गरीब की कमर तोड़ दी है। अब शायद कम खाकर गुजारा करना पड़े। सरकार को बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। -यामीन, निवासी श्याम नगर
बच्चों की स्कूल वैन का किराया बढ़ाना मजबूरी हो जाएगी। कमाई का बड़ा हिस्सा पेट्रोल-डीजल में ही चला जाता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। - आकाश, स्कूल वैन चालक
तेल महंगा होने का असर केवल वाहनों पर नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से दूध, राशन और सब्जियों के दामों पर भी पड़ेगा। -रोहित, निवासी माधवपुरम
चुनाव खत्म होते ही तेल के दाम बढ़ गए हैं। इसका पहले से ही अंदाजा था। लोग पहले ही महंगाई से परेशान थे, अब हर चीज और महंगी हो जाएगी। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी। -रोहन, निवासी वेदव्यास पुरी