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पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री सील या फिर सेटिंग का 'खेल', पढ़ें- क्या है माजरा

Tue, 12 Feb 2019 08:49 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री को सील करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री के ग्रीन बेल्ट एरिये में मंगलवार सील लगाने में पुलिस और प्रशासन ने महज खानापूर्ति की है। सिटी मजिस्ट्रेट के साथ दो सीओ और दो थानेदार फैक्ट्री में अंदर गए। बीस मिनट की कार्रवाई में सिर्फ थोड़ी सी जगह में सील लगाने की प्रक्रिया हुई और वापस लौट गए। एमडीए की टीम को फैक्ट्री में अंदर तक घुसने नहीं दिया। काफी जिद्दोजेहद के बाद एमडीए टीम को अंदर बुलाया गया।

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खरखौदा थानाक्षेत्र के हापुड़ रोड पर पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की अलफहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री पर (ग्रीन बेल्ट की जमीन) सील लगनी थी। याकूब को हाईकोर्ट से स्टे नहीं हुआ तो मंगलवार सील लगना तय हुआ। टकराव की स्थिति को देखते हुये एमडीए की मांग पर 14 थानों की फोर्स, पीएसी की तैनाती गई थी। उधर, मामला लखनऊ तक गरमा गया और फैक्ट्री को सील करना पुलिस प्रशासन की नाक का सवाल बन गया। इसको लेकर भारी पुलिस फोर्स और पीएसी प्लाटून लगाई थी।

वहीं मंगलवार को पुलिस व पीएसी बल को फैक्ट्री तक नहीं जाना पड़ा। वह रिजर्व में पुलिस लाइन में उनको रखा हुआ था। सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, सीओ किठौर आलोक सिंह, इंस्पेक्टर खरखौदा रजनेश तिवारी और एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता फैक्टरी में पहुंचे। जबकि उनके साथ वाले पुलिस वालों को फैक्ट्री के बाहर रोक दिया गया। एमडीए के अधिकारी पहुंचे, उनकी गाड़ी फैक्ट्री के बाहर रोक दी। काफी जिद्दोजेहद के बाद उनको पैदल फैक्ट्री में अंदर जाने दिया।
 
20 मिनट में सील लगाकर लौटे 
इस खानापूर्ति की कार्रवाई में पुलिस प्रशासन को महज 20 मिनट ही लगे। कुछ हिस्से में सील लगाकर टीम वापस लौट गई। पुलिस फोर्स और पीएसी को भी फैक्ट्री में नहीं बुलाने दिए। एक अधिकारी याकूब कुरैशी के पास धूप में बैठे हे। इसको लेकर अलग अलग चर्चाएं रही। पुलिस प्रशासन की इस खानापूर्ति की कार्रवाई के दौरान मीडिया को भी दूर रखा गया। 

ग्रीन वर्ज पर बने निर्माण को नहीं किया गया सील
फैक्ट्री का संचालन फैक्ट्री मालिक ने पहले ही लिखित रुप में बंद कर दिया था। एमडीए की टीम ने जिस हिस्से को सील किया है वह ग्रीन वर्ज में नहीं बल्कि अंदर की ओर बना हुआ है। फैक्ट्री का संचालन तो पहले ही बंद पडा हुआ है उसी में एमडीए की टीम ने एक मशीन रुम को सील कर दिया। यह कार्रवाई केवल बीस मिनट में ही पूरी कर ली गयी।
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पूरी कार्रवाई विकास प्राधिकरण की थी। जिसके लिये 18 दिन पहले नोटिस दिया गया था। फैक्ट्री मालिक ने फैक्ट्री का संचालन पहले ही बंद कर दिया है। प्राधिकरण ने मशीनों को सील कर दिया है। मामला हाईकोर्ट में चल रहा है कोर्ट का जो भी आदेश होगा उसी पर अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। - शैलेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट।
      

मामला कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन विभाग की ओर से फैक्ट्री की मशीनों को सील किया गया है। सील की गयी संपत्ति की पुलिस व स्थलीय स्टाफ देखभाल करेगा। - साहब सिंह, वीसी एमडीए

हाजी याकूब कुरैशी को बसपा सपा गठबंधन लोक सभा प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा डर गई है। उसी को लेकर भाजपा यह कार्रवाई करा रही है। सम्मेलन तो प्रतिमाह चलता है। भाजपा, प्रशासन टकराव करना चाहता है। लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे। प्रदेश की जनता अबकी बार भाजपा को मुंहतोड़ जवाब भी देगी। फैक्ट्री को पंद्रह वर्ष से चल रही है। अब इसी सरकार में एमडीए को उनका निर्माण अवैध लग रहा है। - हाजी इमरान कुरैशी, एमड़ी अलफहीम मीटेक्स प्रा. लि.।

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