जिले में रोहटा रोड, पीएल शर्मा रोड, कंकरखेड़ा श्रद्धापुरी रोड, सरधना रोड, ईदगाह रोड, सदर बाजार क्षेत्र, जैन नगर और शहर की अधिकांश कॉलोनियों तीन तरह के कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या स्कूल-कॉलेज के बच्चों को पढ़ाने वाले कोचिंग सेंटरों की है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले और कंप्यूटर प्रशिक्षण देने वाले केंद्र भी बड़ी संख्या में संचालित हैं।
स्कूल-कॉलेज के बच्चों के कोचिंग सेंटर शहर की हर कॉलोनी और मोहल्ले में हैं। शुरुआत में कई शिक्षक अपने घर में कोचिंग सेंटर चलाते हैं। छात्रों की संख्या बढ़ने पर किसी अन्य मकान या दुकान में कोचिंग सेंटर चलाने लगते हैं। इनमें कई कोचिंग सेंटर तो घरों के कमरे और फ्लैटों में संचालित हो रहे हैं। कई कोचिंग सेंटर बाजारों और मुख्य मार्ग पर हैं लेकिन ये भी आग के मुहाने पर हैं। इसके बावजूद इन कोचिंग सेंटरों मेें शहर के बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा पढ़ने के लिए जाते हैं।
आपातकालीन निकास और अग्निशमन यंत्रों की कमी
जिले में करीब 1500 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जिनमें से केवल 400 ही पंजीकृत हैं। शेष संस्थान बिना आवश्यक मानकों के चल रहे हैं। बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों और संकरी गलियों में हैं। वहां अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
आपातकालीन निकास और अग्निशमन यंत्रों की कमी है। अभिभावकों और छात्रों ने प्रशासन से सभी सेंटरों की जांच और बिना पंजीकरण वालों पर कार्रवाई की मांग की है। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा का आश्वासन दिया है।
जिले में केवल तीन कोचिंग सेंटर के पास विभाग की एनओसी है। लखनऊ की घटना को देखते हुए जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों का मंगलवार से अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह, सीएफओ