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मेरठ: मेडा कार्यालय में तालाबंदी कर तीन घंटे गरजे किसान, इन आवासीय योजनाओं में बढ़ा प्रतिकर न मिलने पर नाराजगी

Tue, 15 Sep 2026 12:34 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के लोहियानगर, वेदव्यासपुरी और गंगानगर आवासीय योजना के किसान धरने पर बैठे। किसानों के बीच मेडा उपाध्यक्ष पहुंचे। किसानों के गुस्से को देखकर उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को मेरे साथ लखनऊ चलना। 
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किसानों से वार्ता करते एमडीए वीसी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोहियानगर, वेदव्यासपुरी और गंगानगर आवासीय योजना में बढ़ा प्रतिकर न मिलने पर सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट गया। किसानों का गुस्सा देखते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) कार्यालय में खुद ही कर्मचारियों ने तालाबंदी कर दी। किसानों ने मेडा कार्यालय परिसर में तीन घंटे धरना -प्रदर्शन किया। 
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इस दौरान पहुंचे मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने आश्वासन दिया कि शासन के समक्ष उनकी मांगों को रखा जाएगा। 22 सितंबर को इस संबंध में लखनऊ में अफसरों के साथ बैठक है, कुछ किसान वहां भी चल सकते हैं। किसानों ने तीनों आवासीय योजनाओं से दो-दो किसानों की समिति बनाने की बात कही है।
 

मेडा ने वर्ष 1990 में वेदव्यासपुरी, लोहियानगर, गंगानगर में आवासीय योजनाओं की शुरुआत की थी। वेदव्यासपुरी में 165 रुपये प्रति वर्ग मीटर जमीन किसानों की अधिग्रहण की गई थी। शताब्दीनगर में मेडा ने किसानों की जमीन 690 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से अधिग्रहीत की। इसको लेकर वेदव्यासपुरी, लोहियानगर और गंगानगर के किसानों में गुस्सा है। 
बढ़े प्रतिकर की मांग लेकर किसान लंबे समय से मेडा कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कई बार धरना प्रदर्शन तक हो चुके हैं। अब वेदव्यासपुरी, लोहियानगर, गंगानगर के किसानों ने मेडा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सोमवार को वार्ड-6 के पार्षद प्रशांत कसाना, सपा नेता प्रदीप कसाना, किसान नेता जसवीर सिंह के नेतृत्व में वेदव्यासपुरी, लोहियानगर, गंगानगर के 500 से अधिक किसान ट्रैक्टर- ट्रॉली से मेडा कार्यालय पहुंच गए।
 

किसानों की मेडा उपाध्यक्ष कार्यालय में धरना देने की योजना थी। इससे पहले किसान मेडा उपाध्यक्ष के कार्यालय में पहुंचते कि कर्मचारियों ने दरवाजों पर ताला लगा दिया। इस पर किसान मेडा कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए। किसानों ने मेडा के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। बाद में मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना किसानों के बीच पहुंचे। उपाध्यक्ष मीना ने आश्वासन दिया कि किसानों की मांग को शासन में भेजा गया है। इस संबंध में 22 सितंबर को भी बैठक है। किसान भी बैठक में जा सकते हैं।
 

तालाबंदी होते ही अफरा-तफरी मची मेडा कार्यालय में मुख्यद्वार को छोड़कर अंदर जाने वाले सभी दरवाजों पर ताला लगा दिया गया। किसानों ने मेडा उपाध्यक्ष के कार्यालय में जाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने ताला नहीं खोला। बाद में किसान मेडा कार्यालय के परिसर में ही बैठ गए। किसानों का कहना कि मेडा के अधिकारी बार-बार झूठा आश्वासन देते हैं। किसान बढ़े प्रतिकर लेने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं। इसको लेकर किसानों में मेडा के प्रति आक्रोश है।
 
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तीनों जगह से दो-दो किसान लखनऊ जाएंगे
किसान नेता जसवीर सिंह ने बताया कि वेदव्यासपुरी, लोहियानगर, गंगानगर योजना की लड़ाई लड़ने वाले किसानों में से दो-दो किसान की एक समिति बनाएंगे। जो कि 22 सितंबर को मेडा के उपाध्यक्ष के साथ लखनऊ जाएंगे। बढ़े प्रतिकर की मांग करेंगे। इस दौरान धर्मी गुर्जर, गौरव भड़ाना, गौरव गुर्जर काजीपुर, सुभाष प्रधान, संतरपाल, प्रिंस, भारत भड़ाना, विनीत, विपिन आदि अन्य मौजूद रहे।
 
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