यूपीडा ने 300 हेक्टेयर जमीन की डिमांड प्रशासन के सामने रखी है। खरखौदा माजरा, खड़खड़ी, गोविंदपुर और छतरी गांव में जमीन चिह्नित हुई है। 14 जनवरी को महाकुंभ से पहले गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा करना था। अभी कई जगह पर निर्माण कार्य अधूरा है।
औद्योगिक गलियारा विकसित करना भी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि अधिग्रहण के विरोध में किसान दो महीने से छतरी गांव के संपर्क मार्ग पर धरने पर बैठे हैं। बताया गया कि लेखपाल से तहसीलदार तक जमीन की पैमाइश कर चुके हैं।
मेडा में धरने पर बैठे किसान
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भीषण ठंड में डटे किसान, महिलाओं ने भी डाला डेरा
मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) में भीषण ठंड के बीच भी तीनों योजनाओं के किसानों का धरना शुक्रवार को भी सुबह से चल रहा है। भारी संख्या में महिलाएं भी डटी रहीं। प्राधिकरण अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
बढ़े हुए प्रतिकर की मांग कर रहे तीन योजनाओं के किसानों ने गुरुवार को मेडा में धरना शुरू कर दिया था। पार्किंग में ही किसान धरने पर बैठ गए। शुक्रवार को भीषण ठंड और कोहरे के बीच में भी किसान धरने पर बैठे रहे।
इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक उन्हें बढ़े हुए मुआवजे को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक धरना चालू रहेगा। अब किसानों ने दोपहर के खाने की तैयारी शुरू कर दी है और कढ़ाई चढ़ा दी है।