प्रशासन बोला- सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए गए
उधर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता थी। इसी के तहत एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए।
हालांकि, किसानों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर किसी नागरिक को बिना लिखित आदेश के घर में रोकना उचित नहीं है। किसानों ने स्पष्ट किया कि दो अगस्त को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने की स्थिति में वे उनसे मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का प्रयास करेंगे।
किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों को मुख्यमंत्री से मिलने से रोका गया तो आंदोलन को जिले से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। किसानों का कहना है कि अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई वे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।