31 दिसंबर को हुई थी पूर्व मैनेजर की मौत
- ब्रह्मपुरी स्थित सरस्वती लोक निवासी पूर्व प्रोडक्शन मैनेजर 59 वर्ष के अजित सिंघल की भी गीजर की गैस से मौत हो गई थी। बाथरूम में वह करीब 20 मिनट तक तड़पते रहे थे। पत्नी शशि ने बताया था कि बाथरूम में दम घुटने से उनकी मौत हुई थी।
खिड़की वाले बाथरूम में ही लगवाएं गीजर
- गैस गीजर के बारे में जानकारी रखने वाले राम गोपाल ने बताया कि उस बाथरूम में गैस गीजर लगवाएं, जिसमें कम से कम एक खिड़की हो। गीजर से निकलने वाली गैस कार्बन मोनोआक्साइड बनाती है, जिससे आक्सीजन की कमी हो जाती है। गीजर को यदि खुली जगह मिल रही है तो ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है। गीजर के कारण ऐसे ही अलग-अलग हादसों में सहारनपुर में भी दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, इलेक्ट्रिक गीजर को भी खिड़की वाले बाथरूम में ही लगवाएं अन्यथा शार्ट सर्किट से हादसा या ब्लास्ट हो सकता है।
गैस गीजर प्रति रखें ध्यान
- गैस लीक हो तो गीजर न चलाएं, समय-समय पर जांच कराएं
- बाथरूम में हवा के लिए रोशनदान और पर्याप्त जगह हो
- खांसी और दम घुटने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत खुली हवा में आएं
- एग्जॉस्ट फैन लगवाएं, गैस गीजर चलाते समय उसे चलाएं
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